हिदुस्तान 24 टीवी न्यूज चीफ विजय सिंघल
मथुरा में बिल्डर और अफसरों के गठजोड़ का खामियाजा अब इमारत में रहने वाले बाशिंदों को भुगतना पड़ रहा है। सिंचाई विभाग के अधिकार वाली आगरा नहर की जमीन पर बिल्डर ने न केवल इमारत खड़ी कर दी बल्कि उस पर 156 फ्लैट भी बना दिए। 6 मंजिला इमारत बनकर तैयार हो गई और जिम्मेदार मुंह मोडे बैठे रहे। जिस सिंचाई विभाग को इमारत बनते समय ध्यान नहीं आया वही विभाग अब नोटिस दे कर इमारत को अवैध बता रहा है। अपर खंड आगरा नहर पर मथुरा के गणेशरा रोड पर 2011 में अशोका हाइट के नाम से एक बिल्डिंग बनाई गई। 2 साल बाद 2013 में 6 मंजिला इमारत बन कर तैयार हो गई। इसमें 2 और 3 बीएचके फ्लैट बनाए गए। इस बिल्डिंग का मथुरा वृंदावन विकास प्राधिकरण ने नक्शा 72 फ्लैट का पास किया लेकिन इमारत में 156 फ्लैट बना दिए। इमारत बन गई फ्लैट बेच दिए गए खरीददारों में रहना शुरू कर दिया। लेकिन जिम्मेदार थे कि देख कर भी अनदेखा करते रहे। वर्ष 2017 में सिंचाई विभाग की नींद टूटी और बिल्डिंग पर लाल निशान लगा दिए गए। ध्वस्तीकरण के लिए लगाए गए लाल निशान दरअसल में किसी के द्वारा हाई कोर्ट में लगी उस रिट की वजह से लगाए गए जिसमें कि नाला कहा गया। नाला 35 फीट का था वह अब 8 फीट का ही रह गया है। 2017 में लगाए गए लाल निशान समय के साथ धुंधले पड़ गए लेकिन ऊंची रसूख रखने वाले बिल्डिंग के मालिक जयंती अग्रवाल की इस अशोका हाइट्स बिल्डिंग तक सिंचाई विभाग के अधिकारी नहीं पहुंचे।

अब एक बार फिर इमारत पर नोटिस चस्पा किया गया है। जिसमें बिल्डर जयंती अग्रवाल से स्वयं पक्का निर्माण हटाने को कहा है। 7 दिन के दिए समय में निर्माण न हटाने पर सिंचाई विभाग द्वारा कार्यवाही करने की बात कही गई है।सिंचाई विभाग की जमीन पर बिल्डर ने ही नहीं बल्कि मथुरा वृंदावन नगर निगम ने भी एक सार्वजनिक शौचालय बना दिया। इसे भी हटाने के लिए विभाग ने नगर निगम को नोटिस दिया है। सिंचाई विभाग के द्वारा नोटिस चस्पा किए जाने के बाद बिल्डिंग में रहने वाले लोग अब परेशान हो गए हैं।

इमारत में रहने वाले लोगों का कहना है कि जिस समय यह बिल्डिंग बनी उस समय जिम्मेदार अधिकारियों ने क्यों नहीं ध्यान दिया। इमारत में रहने वाले सुदर्शन ने बताया कि अधिकारियों पर कार्यवाही हो इसके साथ ही बिल्डर पर कार्यवाही भी हो। बिल्डिंग में रहने वाली रजनी अग्रवाल ने बताया हर व्यक्ति का सपना होता है कि उसका घर हो जीवन भर की जमा पूंजी लगाकर व्यक्ति घर खरीदता है। सतीश चन्द्र शर्मा ने बताया कि यहां पर नोटिस लगा देखा इसके बाद चिंता हुई। सतीश शर्मा ने बताया कि अदालत में जाएं किससे कहें कुछ समझ नहीं आ रहा। सिंचाई विभाग ने भी यह स्पष्ट नहीं किया कि उनका कौन सा हिस्सा है। स्थिति साफ हो तो फिर आगे की कार्यवाही की जाए।
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Author: Vijay Singhal
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