हिदुस्तान 24 टीवी न्यूज चीफ विजय सिंघल
मथुरा। बरसान में ब्रज में अनेक मंदिर हैं, जिनकी नक्काशी और खूबसूरती देखते ही बनती है। इन अनूठे मंदिरों की सूची में एक और नाम जल्द शामिल होने जा रहा है। इसकी सबसे बड़ी खासियत होगी कि पूरा मंदिर लगभग 1 फुट व्यास की पत्थर से बनी गेंदों पर बनाया जाएगा। इससे भूकंप आने पर मंदिर 4 फुट तक इधर-उधर खिसक सकता है, लेकिन गिरेगा नहीं।
मंदिर के पदाधिकारी राधाकांत शास्त्री ने बताया कि यहां पर हजारों साल पुराना मान बिहारी लाल का मंदिर बना हुआ है। पद्मश्री रमेश बाबा के सानिध्य में नई तकनीकि से मंदिर को आधुनिक व भव्य बनाया जा रहा है। इसके निर्माण में किसी तरह की बजरी और सीमेंट का उपयोग नहीं किया जाएगा। मंदिर निर्माण के लिए लगभग 40 फुट का आधार ग्रेनाइट से तैयार किया जा रहा है। गर्भगृह सिरोही जिले के आबू रोड से तराशे गए सफेद मार्बल से बनाया जाएगा। सुरक्षा के लिए 9 फुट चौड़ी दीवार मंदिर के चारों तरफ पत्थर से बनाई जाएगी। गर्भगृह साढ़े 13 फुट चौड़ा होगा। मंदिर में लगभग साढ़े 4 फुट की पाषाण प्रतिमाएं विराजमान की जाएंगी। पत्थरों को आपस में जोड़ने के लिए पत्थर से बनी पिन का इस्तेमाल होगा। बताया कि जिन गेंदों पर ये मंदिर टिका रहेगा वे राजस्थान के सिकंदरा में तैयार की जा रही हैं। बताया कि मंदिर की डिजायन मिठुल सोमपुरा द्वारा तैयार की गई है। यहीं मनाया था कान्हा ने राधा कोब्रह्मांचल पर्वत पर स्थित मानगढ़ राधा और कृष्ण की लीला स्थली है। कन्हैया ने राधा के रूप की तुलना चंद्रमा से कर दी थी, जिसके चलते राधा रानी मान (रूठ) करके बैठ गईं थीं। रूठी राधा को कान्हा ने यहीं पर मनाया था।
मंदिर के पदाधिकारी राधाकांत शास्त्री ने बताया कि यहां पर हजारों साल पुराना मान बिहारी लाल का मंदिर बना हुआ है। पद्मश्री रमेश बाबा के सानिध्य में नई तकनीकि से मंदिर को आधुनिक व भव्य बनाया जा रहा है। इसके निर्माण में किसी तरह की बजरी और सीमेंट का उपयोग नहीं किया जाएगा। मंदिर निर्माण के लिए लगभग 40 फुट का आधार ग्रेनाइट से तैयार किया जा रहा है। गर्भगृह सिरोही जिले के आबू रोड से तराशे गए सफेद मार्बल से बनाया जाएगा। सुरक्षा के लिए 9 फुट चौड़ी दीवार मंदिर के चारों तरफ पत्थर से बनाई जाएगी। गर्भगृह साढ़े 13 फुट चौड़ा होगा। मंदिर में लगभग साढ़े 4 फुट की पाषाण प्रतिमाएं विराजमान की जाएंगी। पत्थरों को आपस में जोड़ने के लिए पत्थर से बनी पिन का इस्तेमाल होगा। बताया कि जिन गेंदों पर ये मंदिर टिका रहेगा वे राजस्थान के सिकंदरा में तैयार की जा रही हैं। बताया कि मंदिर की डिजायन मिठुल सोमपुरा द्वारा तैयार की गई है। यहीं मनाया था कान्हा ने राधा कोब्रह्मांचल पर्वत पर स्थित मानगढ़ राधा और कृष्ण की लीला स्थली है। कन्हैया ने राधा के रूप की तुलना चंद्रमा से कर दी थी, जिसके चलते राधा रानी मान (रूठ) करके बैठ गईं थीं। रूठी राधा को कान्हा ने यहीं पर मनाया था।
7455095736
Author: Vijay Singhal
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