हिदुस्तान 24 टीवी न्यूज चीफ विजय सिंघल
मथुरा। आतंक का पर्याय बन चुके भेड़ियों को पकड़ने के लिए मथुरा की वाइल्ड लाइफ एसओएस टीम ने बहराइच में डेरा डाल दिया है। टीम के चार सदस्यों को भेड़ियों को पकड़ने की जिम्मेदारी सौंपी गई है। सभी सदस्य भेड़ियों की तलाश में जुटे हैं। भेड़ियों का आतंक पूरे देश में सुर्खियों में बना हुआ है और बहराइच के गांव-गांव में दहशत का माहौल है। इन भेड़ियों को पकड़ने की जिम्मेदारी मथुरा वाइल्ड लाइफ एसओएस टीम को सौंपी गई है। चार सदस्यीय टीम पूरी तैयारी के साथ बहराइच के जंगलों में सर्च ऑपरेशन चला रही है। जगह-जगह जाल भी बिछा रही है। वाइल्ड लाइफ एसओएस के सह संस्थापक कार्तिक सत्यनारायण ने बताया कि बहराइच वन विभाग के अधिकारियों ने मथुरा टीम से सहयोग मांगा था। इस पर फरह मथुरा स्थित हाथी संरक्षण केंद्र में तैनात पशु चिकित्सक डॉ विनीत, पैरावेट (सहायक) कुलदीप, रेस्क्यूवर करमवीर नाथ और राम सिंह को बहराइच भेजा गया है। चार सदस्यीय टीम खतरनाक भेड़ियों को पकड़ने की कवायद में जुटी है। वन विभाग की टीम और स्थानीय ग्रामीण भी उनका सहयोग कर रहे हैं। पूरे ऑपरेशन पर पल-पल की नजर रखी जा रही है। भेड़ियों को पकड़ने गई टीम को किसी भी तरह के जंगली जानवर को पकड़ने में महारथ हासिल है। इससे पहले ये टीम लकड़बग्घे, बाघ, कोबरा, अजगर, सियार, तेंदुए समेत अन्य सभी तरह के जंगली जानवरों को काबू में कर चुकी है। टीम का ट्रैक रिकॉर्ड देखकर बहराइच वन विभाग की टीम ने उन्हें खतरनाक भेड़ियों को पकड़ने के लिए बुलाया है। बहराइच रवाना हुई टीम अपने साथ डार्ट गन लेकर गई है। यह गन करीब 100 मीटर की दूरी तक भेड़ियों को निशाना बना सकती है। सही निशाना लगने पर भेड़िया बेहोश हो जाएगा। टीम उसे पकड़ लेगी। इसके अलावा टीम के पास सेफ्टी नेट, पिंजरा, कैचर, डॉग कैचर भी मौजूद है। यह भी खूंखार भेड़ियों को पकड़ने में काम आएगा।
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Author: Vijay Singhal
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