हिदुस्तान 24 टीवी न्यूज चीफ विजय सिंघल
मथुरा। वृंदावन में अंतरराष्ट्रीय वृद्धजन सम्मान समिति के तत्वाधान में परिक्रमा मार्ग स्थित गौरीगोपाल आश्रम में संत सम्मेलन व राष्ट्रीय संगोष्ठी का आयोजन हुआ।इसमें वृद्धजनों की सुरक्षा के साथ उनको लेकर बच्चों में निरंतर बढ़ रही उदासीनता व वृद्धाश्रम भेजने की प्रवृत्ति को रोकने पर संत , धर्माचार्य एवं समाज के अन्य वर्गों के लोगों ने मंथन किया गया। वहीं गौरीगोपाल आश्रम के संस्थापक भागवत प्रवक्ता अनिरुद्धाचार्य को अंतरराष्ट्रीय वसुंधरा रत्न पुरस्कार से सम्मानित किया गया।
मुख्य अतिथि स्वामी त्रंबकेश्वर चैतन्य महाराज ने कहा कि भारतीय संस्कृति सभ्यता और जीवन शैली में हमेशा से ही बुजुर्गों का सम्मान करने की परंपरा है। इस परंपरा को बनाए रखने का कर्तव्य हम सभी का है। विशिष्ट अतिथि मां वैष्णो देवी मंदिर के संस्थापक जैसी चौधरी ने कहा कि भावी पीढ़ी को संस्कारवान बनाकर ही हम बुजुर्गों के सम्मान को बनाए रख सकते हैं। हमें अपने बच्चों को बचपन से ही संस्कार देने चाहिए। संस्था के कार्यकारी अध्यक्ष डॉ. वीडी अग्रवाल ने बताया कि भागवत प्रवक्ता अनिरुद्धाचार्य महाराज द्वारा ब्रजभूमि में वृद्धजनों को सम्मानपूर्ण जीवन व्यतीत करने के लिए हर संभव सहायता प्रदान की जा रही है। समिति के सह संस्थापक व सेवा प्रमुख डॉ. गिरीश गुप्ता ने बताया कि वरिष्ठजन परिवार में रहकर स्वाभिमान एवं गरिमा पूर्ण जीवन कैसे बिताएं। द्वारिका प्रसाद चित्रकार, बिहारी लाल वशिष्ठ, बाबा बलराम दास, महेंद्र प्रताप सिंह, डॉ. रमेश चंद्र विधि शास्त्री, कृष्ण कन्हैया पदरेणु आदि उपस्थित थे। संचालन आचार्य बद्रीश महाराज ने किया।
मुख्य अतिथि स्वामी त्रंबकेश्वर चैतन्य महाराज ने कहा कि भारतीय संस्कृति सभ्यता और जीवन शैली में हमेशा से ही बुजुर्गों का सम्मान करने की परंपरा है। इस परंपरा को बनाए रखने का कर्तव्य हम सभी का है। विशिष्ट अतिथि मां वैष्णो देवी मंदिर के संस्थापक जैसी चौधरी ने कहा कि भावी पीढ़ी को संस्कारवान बनाकर ही हम बुजुर्गों के सम्मान को बनाए रख सकते हैं। हमें अपने बच्चों को बचपन से ही संस्कार देने चाहिए। संस्था के कार्यकारी अध्यक्ष डॉ. वीडी अग्रवाल ने बताया कि भागवत प्रवक्ता अनिरुद्धाचार्य महाराज द्वारा ब्रजभूमि में वृद्धजनों को सम्मानपूर्ण जीवन व्यतीत करने के लिए हर संभव सहायता प्रदान की जा रही है। समिति के सह संस्थापक व सेवा प्रमुख डॉ. गिरीश गुप्ता ने बताया कि वरिष्ठजन परिवार में रहकर स्वाभिमान एवं गरिमा पूर्ण जीवन कैसे बिताएं। द्वारिका प्रसाद चित्रकार, बिहारी लाल वशिष्ठ, बाबा बलराम दास, महेंद्र प्रताप सिंह, डॉ. रमेश चंद्र विधि शास्त्री, कृष्ण कन्हैया पदरेणु आदि उपस्थित थे। संचालन आचार्य बद्रीश महाराज ने किया।
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Author: Vijay Singhal
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