• Wed. Feb 11th, 2026

मथुरा में ठंडी शुरू होते ही 30 देशों से आ रहे विदेशी पक्षी, यमुना के घाटों पर लगा जमावड़ा

ByVijay Singhal

Nov 25, 2022
Spread the love
हिदुस्तान 24 टीवी न्यूज चीफ विजय सिंघल
मथुरा। सर्दियों की आहट के साथ ही हजारों किलोमीटर की यात्रा कर प्रवासी पक्षी मथुरा के अलग अलग स्थान पर बने वेटलैंड पर पहुंच रहे हैं। प्रवासी पक्षियों की आवाज से ब्रज के वेटलैंड गूंज रहे हैं। प्रवासी पक्षियों की चरचराहट से ब्रज क्षेत्र के आर्ध भूमि सुंदर दिख रही है। ब्रज में 6 से अधिक स्थानों पर आर्कटिक हिंद महासागर और यूरेशिया के महाद्वीप क्षेत्र के 30 देशों से आ रहे यह विदेशी मेहमान मथुरा के आर्ध क्षेत्र की ख़ूबसूरती बढ़ा रहे हैं। पक्षियों में ब्राउन हेडेड गल और विलुप्त होने के कगार पर पहुंच चुके रिवर टर्न जैसे पक्षी भी हैं। विदेशी पक्षियों के लिए
अब मथुरा वृंदावन में यमुना के कुछ घाटों का किनारा मुफीद साबित हो रहा है। विशेषज्ञ बता रहे हैं कि यमुना किनारे विश्राम घाट से गोकुल बैराज तक कई बार ब्राउन हेडेड गल और रिवर टर्न जैसे पक्षी शामिल हैं। बड़ी संख्या में देखे यह पक्षी सफेद और भूरे रंग के होते हैं और जलीय प्रवासी पक्षी हैं। ये नदियों के किनारे ज्यादा देखे जाते हैं। मथुरा में प्रवासी पक्षी सेंट्रल एशियाई फ्लाई वे से आते हैं। पक्षी विशेषज्ञ डॉक्टर के पी सिंह ने बताया कि पक्षियों के आगमन को माइग्रेशन कहते हैं। यह माइग्रेशन फ्लाई वे के जरिए होता है। फ्लाई वे एक भौगोलिक क्षेत्र है जिसमें प्रवासी पक्षी अपने वार्षिक चक्र को पूरा करते हैं। भारत में प्रवासी पक्षी सेंट्रल एशियाई फ्लाई वे द्वारा मध्य एशियाई व यूरोपीय क्षेत्रों प्रमुख रूप से साइबेरिया व मंगोलिया से आते हैं। मथुरा के आधा दर्जन वेटलैंड पर पहुंच रहे प्रवासी पक्षियों में बार हेडेड गज,ग्रेलेज गूज,नॉर्दन शोबलर,नॉर्दन पिनटेल,कॉमन टील, कॉमन कूट,कॉमन पोचार्ड,ब्लैक टेल्ड गोडवित,कॉमन सेंडपाइपर,ग्रीन शैंक, रेड शैँक,लिटिल स्टिंट, टोमनिक स्टिंट, ब्लूथरोट,व्हाइट वेगटेल व्हाइट ब्राउडेड वेगटेल आदि हैं। सर्दियों की आहट के साथ ही प्रवासी पक्षियों की मथुरा पहुंचने वाली प्रजातियों की संख्या करीब 140 है।विलुप्त पक्षियों की प्रजाति के लिए मथुरा के वेटलैंड मुफीद साबित हो रहे हैं।सेंट्रल एशियाई फ्लाई वे से करीब 140 प्रवासी जल पक्षियों की प्रजाति प्रवास पर मथुरा आ रही है। जिसमें 29 ऐसी प्रजाति हैं जो विश्व स्तर पर विलुप्त होने के कगार पर हैं।
मथुरा में सबसे ज्यादा विदेशी पक्षी फरह ब्लॉक में स्थित जोधपुर झाल और कोसी क्षेत्र स्थित कोकिला वन के जलीय क्षेत्र यानी वेटलैंड पर पहुंचते हैं। इसके अलावा गोवर्धन नाला,राधाकुंड,गोकुल बैराज,नगला अबुआ और सोनोठ गांव के पास बने जलीय क्षेत्र के अलावा मथुरा वृंदावन में यमुना किनारे के शांत क्षेत्र में यह प्रवासी पक्षी पहुंच रहे हैं।

7455095736
Vijay Singhal
Author: Vijay Singhal

100% LikesVS
0% Dislikes

Leave a Reply

Your email address will not be published.