हिदुस्तान 24 टीवी न्यूज चीफ विजय सिंघल
मथुरा। रिफाइनरी थाने में दर्ज 11 वर्ष पुराने हत्याकांड में एडीजे-10 श्वेता वर्मा की कोर्ट ने पांच दोषियों को मंगलवार को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। साथ ही 40-40 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है। पुरानी रंजिश को लेकर वर्ष 2013 में विजेंद्र सिंह की गोली मारकर हत्या की यह वारदात हुई थी। रिफाइनरी थाने में दर्ज मुकदमे के अनुसार क्षेत्र के ग्राम भुडरसू के बांके बिहारी पिता विजेंद्र और मां विरमा देवी के साथ 31 अगस्त 2013 को खेत पर सुबह 9 बजे चारा लेने जा रहे थे। तभी घात लगाकर बैठे हमलावरों ने इन पर गोली चला दी। विरमा और बांके बिहारी घायल हुए थे। वहीं, बांके के पिता विजेंद्र सिंह की गोली मारकर हत्या कर दी थी। बेटे बांके बिहारी ने गांव के ही रहने वाले हाकिम, लौकी उर्फ लोकेंद्र पुत्रगण गिर्राज, कोतवाल पुत्र पूरन, दारा सिंह पुत्र ज्ञासी, जसवंत पुत्र कुंजी व किसी अन्य मामले में जेल में निरुद्ध नारायण पुत्र पत्ती को हत्या के षड्यंत्र में शामिल करते हुए मुकदमा दर्ज कराया था। सभी नामजदों के खिलाफ पुलिस ने कोर्ट में चार्जशीट दाखिल की। मुकदमे की सुनवाई के दौरान कोर्ट ने साक्ष्य व गवाही के अभाव आरोपी नारायण को बरी किया है। अन्य सभी दोषियों को कोर्ट ने आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। वादी मुकदमा बांके बिहारी इस केस में चश्मदीद गवाह रहा। इधर, मृतक की पत्नी गरिमा देवी, जिनके इस घटना गोली लगी थी। वह भी चश्मदीद गवाह रहीं। इसके अलावा पुलिस, डॉक्टर आदि गवाह अभियोजन पक्ष के अधिवक्ता की ओर से कोर्ट में पेश किए गए।
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Author: Vijay Singhal
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