हिदुस्तान 24 टीवी न्यूज चीफ विजय सिंघल
मथुरा में श्रीकृष्ण जन्मभूमि मामले की सुनवाई पर हाईकोर्ट के फैसले पर खुशी जाहिर करते हुए धर्मगुरु ठाकुर देवकीनंदन महाराज ने कहा कि भगवान सनातनियों के साथ हैं। एक दिन अवश्य ही मथुरा में अतिक्रमण मुक्त भव्य श्रीकृष्ण मंदिर निर्माण पूर्ण होगा। कहा कि जिस प्रकार कसाब मामले में सुनवाई की गई, उसी प्रकार श्रीकृष्ण जन्मभूमि-ईदगाह और आगरा जामा मस्जिद मामले में भी प्रतिदिन सुनवाई होनी चाहिए। जिससे हिंदू भावनाओं को न्याय मिल सके।
कथा प्रवचन के लिए 15 दिवसीय यूएसए यात्रा पर गए ठाकुर देवकीनंदन महाराज ने शुक्रवार को एक वीडियो जारी कर सभी सनातनियों को बधाई दी। दुख व्यक्त करते हुए कहा कि हम अपने ही देश में अपने आराध्यों के पूजास्थलों की मुक्ति के लिए लड़ रहे हैं। भाईचारे के नाम पर हमें केवल चारा बनाया जा रहा है। न्यायालय ने माना है कि श्रीकृष्ण जन्मभूमि-जामा मस्जिद मामला पूजा अधिनियम 1991 से बाहर है, उस पर सुनवाई होनी चाहिए, फिर भी सनातन विरोधी लोग मानने को तैयार नहीं हैं। प्रियकांत जू मंदिर के संस्थापक देवकीनंदन महाराज ने कहा कि मुसलमान भाइयों को यह लड़ाई अंत तक लड़नी चाहिए, जिससे पूरे विश्व को पता चल सके कि आप दूसरे लोगों की भावनाओं को कभी नहीं समझ सकते हैं। मथुरा में दिव्य-भव्य मंदिर बनकर ही रहेगा। मंदिर सचिव विजय शर्मा ने बताया कि देवकीनंदन महाराज अमेरिका, कनाडा की यात्रा पर हैं, वे 20 अगस्त को स्वदेश लौटेंगे।
कथा प्रवचन के लिए 15 दिवसीय यूएसए यात्रा पर गए ठाकुर देवकीनंदन महाराज ने शुक्रवार को एक वीडियो जारी कर सभी सनातनियों को बधाई दी। दुख व्यक्त करते हुए कहा कि हम अपने ही देश में अपने आराध्यों के पूजास्थलों की मुक्ति के लिए लड़ रहे हैं। भाईचारे के नाम पर हमें केवल चारा बनाया जा रहा है। न्यायालय ने माना है कि श्रीकृष्ण जन्मभूमि-जामा मस्जिद मामला पूजा अधिनियम 1991 से बाहर है, उस पर सुनवाई होनी चाहिए, फिर भी सनातन विरोधी लोग मानने को तैयार नहीं हैं। प्रियकांत जू मंदिर के संस्थापक देवकीनंदन महाराज ने कहा कि मुसलमान भाइयों को यह लड़ाई अंत तक लड़नी चाहिए, जिससे पूरे विश्व को पता चल सके कि आप दूसरे लोगों की भावनाओं को कभी नहीं समझ सकते हैं। मथुरा में दिव्य-भव्य मंदिर बनकर ही रहेगा। मंदिर सचिव विजय शर्मा ने बताया कि देवकीनंदन महाराज अमेरिका, कनाडा की यात्रा पर हैं, वे 20 अगस्त को स्वदेश लौटेंगे।
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Author: Vijay Singhal
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