हिदुस्तान 24 टीवी न्यूज चीफ विजय सिंघल
मथुरा। अदालत द्वारा ठाकुर श्रीबांके बिहारीजी के दर्शनों की समय सीमाबढ़ाए जाने संबंधी निर्णय के खिलाफ प्रार्थना पत्र देने वाले अधिवक्ता गिरधारी लाल शर्मा और दीपक शर्मा ने मंगलवार को अदालत में प्रार्थना पत्र देकर मामले में शीघ्र सुनवाई की मांग की है। अदालत ने बहस सुनने के बाद 16 दिसंबर की तारीख लगा दी है।
अधिवक्तागण ने अदालत से दर्शनों का समय बढ़ाने के निर्णय पर रोक लगाने संबंधी प्रार्थना पत्र दिया है। 14 नवंबर को सिविल जज जूनियर डिवीजन ने ठाकुर बांके बिहारी के दर्शनों का समय ई घंटे की बजाय 11 घंटे कर दिया है। इस पर भक्तजनों और बिहारीजी के सेवायत गोस्वामियों में मतभेद हैं। दर्शनों के समय बढ़ाने संबंधी आदेश के खिलाफ अधिवक्तागण गिरधारी लाल शर्मा और दीपक शर्मा ने तीन दिन पूर्व अदालत में प्रार्थना पत्र दिया था। बहस के बाद निर्णय के लिए 16 दिसंबर की तारीख तय कर दी थी। मंगलवार को दोनों अधिवक्ताओं ने सिविल जज जूनियर डिवीजन की अदालत में प्रार्थना पत्र देकर कहा है कि अदालत 16 दिसंबर से पूर्व ही सुनवाई करे वरना जब अदालत का समय बढ़ाने संबंधी निर्णय लागू हो गया तो इस प्रार्थना पत्र का कोई औचित्य नहीं रह जाएगा। कहा कि अदालत ने समय बढ़ाने संबंधी जो निर्णय दिया है वह उस निर्णय पर रोक लगा दें ताकि भक्तगण निश्चिंत हो जाएं कि उनके आराध्य के दर्शनों का समय बढ़ाकर उनको कष्ट नहीं मिलेगा। अधिवक्ता गिरधारीलाल शर्मा ने बताया कि अदालत उनके प्रार्थना पत्रों पर बुधवार को निर्णय देगी। अधिवक्तागण ने अदालत को एक पत्र भी दिया है जिसमें उन्होंने अदालत को सुझाव दिया है कि अदालत अपने आदेश के लिए भक्तगणों से समर्थन तथा आपत्ति मांगे। इस आशय की एक सूचना ठाकुर बिहारी जी मंदिर के बाहर चस्पा की जाए।
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Author: Vijay Singhal
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