हिदुस्तान 24 टीवी न्यूज चीफ विजय सिंघल
मथुरा। शास्त्रीय नृत्य संगीत एवम साहित्य को समर्पित सूरदास महोत्सव का मथुरा के वृंदावन में आयोजन किया जा रहा है। 22 नवंबर से शुरू हो रहे तीन दिवसीय इस महोत्सव की शुरुआत गोवर्धन के परसौली में स्थित सूर सरोवर पर आयोजित कार्यक्रम से होगी। महोत्सव में शास्त्रीय संगीत से जुड़े नामचीन कलाकार प्रस्तुति देंगे। संत सूरदास ब्रज के एक महान संत रहे हैं। जिन्होंने भगवान श्री कृष्ण को लेकर अनेकों रचनायें लिखीं, आज भी उनकी अनेकों रचनायें बहुत प्रचलित है और विश्व भर के बड़े – बड़े कलाकार सूरदास जी के वात्सल्य एवं गोपी भाव जैसी अनेक प्रेरणादायी पदों को गाते हैं व नाचते हैं। शास्त्रीय संगीत व नृत्य में सूरदास जी के पदों पर कलाकार अपनी कला की प्रस्तुति करते हैं और इस भाव को मंच पर जीते हैं। मथुरा वृंदावन में शास्त्रीय नृत्य और संगीत को लेकर सूरदास महोत्सव ब्रज की धरती वृन्दावन में 23 व 24 नवंबर को होगा। इस महोत्सव के माध्यम से मथुरा – वृंदावन में शास्त्रीय संगीत व नृत्य को प्रोत्साहन मिलने के साथ साथ यहाँ की युवा पीढ़ी भी शास्त्रीय संगीत और कलाओं से जुड़ेगी। सूरदास महोत्सव की संयोजिका अंतरराष्ट्रीय कथक नृत्यांगना गीतांजलि शर्मा ने कहा कि यह महोत्सव महान संत शिरोमणि सूरदास जी के चरणों मे एक छोटा सा प्रयास है। सूर के लिखे एक लाख पदों में न सिर्फ़ ईश्वर की आराधना है बल्कि स्त्री के मर्म को बड़ी गहनता से सूर ने लिखा है और स्त्री की सुंदरता, कोमलता व सहनशीलता को पल्लवित किया है। यह महोत्सव शास्त्रीय संगीत व नृत्य के जगत में देश व दुनिया मे एक बड़ा महोत्सव है। विगत वर्षों की भांति इस वर्ष भी सूरदास महोत्सव में संगीत व नृत्य के दिग्गजों द्वारा अपनी प्रस्तुति पेश की जाएगी, गीतांजलि शर्मा ने बताया कि संत शिरोमणि सूरदास महोत्सव शास्त्रीय संगीत एवं कला का एक अनूठा समागम है जिस से ब्रजवासी भारतीय संस्कृति दर्शन का लाभ ले सकेंगे। सूरदास महोत्सव समिति के सदस्य सुप्रीम कोर्ट के वरिष्ठ अधिवक्ता सार्थक चतुर्वेदी ने आयोजन की जानकारी देते हुए बताया कि महोत्सव पं दीनदयाल सभागार, केशव धाम वृंदावन में होगा। प्रथम दिन 23 नवंबर को ब्रज की भजन गायिका गायत्री शर्मा एवं समूह प्रस्तुति के साथ सूरदास महोत्सव की शुरुआत करेंगी। इसके उपरांत मुंबई से आए सुप्रसिद्ध भरतनाट्यम कलाकार पवित्र भट्ट एवं समूह अपनी प्रस्तुति देंगे। इसके पश्चात भारत के प्रसिद्ध भजन गायक शैलेंद्र भारती के भजनों के साथ प्रथम दिवस का समापन होगा। इसी प्रकार द्वितीय दिवस 24 नवंबर को कलावृक्ष कथक केंद्र मथुरा की युवा कलाकार अपनी प्रस्तुति के साथ महोत्सव का आरंभ करेंगी। उसके उपरांत नई दिल्ली से कुचीपुड़ी कलाकार टी लक्ष्मी रेड्डी की प्रस्तुति होगी। उसके उपरांत दिल्ली कथक केंद्र के वरिष्ठ कलाकार और गुरु अभिमन्यु लाल कथक नृत्य की प्रस्तुति देंगे। मुम्बई से बांसुरी वादक सन्तोष सन्त की प्रस्तुति के साथ महोत्सव का समापन होगा।
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Author: Vijay Singhal
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