हिदुस्तान 24 टीवी न्यूज चीफ विजय सिंघल
मथुरा 29 जून जिलाधिकारी शैलेंद्र कुमार सिंह एवं व्यापारी कल्याण बोर्ड के पूर्व अध्यक्ष श्री रविकान्त गर्ग जी ने कलेक्ट्रेट सभागार में दानवीर भामाशाह जी के चित्र पर माल्यार्पण किया एवं पुष्प अर्पित कर श्रद्धापूर्वक श्रद्धांजलि दी। उन्होंने दीप प्रज्ज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। आज कलेक्ट्रेट सभागार में दानवीर भामाशाह जी के जन्म दिवस को व्यापार कल्याण दिवस के रूप में मनाया गया। कार्यक्रम में मुख्य विकास अधिकारी मनीष मीना, ज्वॉइंट कमिश्नर सेल टैक्स/ जीएसटी प्रीति, उपायुक्त उद्योग रामेंद्र कुमार, डिप्टी कमिश्नर सेल टैक्स / जीएसटी जय सेन सहित जनपद के प्रतिष्ठित व्यापारियों ने प्रतिभाग किया। कार्यक्रम में जनपद के व्यापारियों को सम्मानित भी किया गया, जिसमें अमित यादव, मोहित अग्रवाल, चतुर्वेदी मोटर आदि को सम्मानित किया गया।
जिलाधिकारी ने दानवीर भामाशाह के जन्म दिवस के अवसर पर व्यापारियों को बधाई देते हुए कहा कि देश व प्रदेश की अर्थव्यवस्था में उनकी अहम भूमिका होती है। माननीय प्रधानमंत्री जी एवं माननीय मुख्यमंत्री जी द्वारा उद्यमियों व व्यापारियों के प्रोत्साहन हेतु विभिन्न योजनाएं चलाई गई है।
जनपद में जो उद्योग स्थापित कर रहे हैं वह अपने उद्योग में सफल रहे। आपके उद्योग के आसपास छोटे-छोटे भी व्यापारी उद्योग लगाकर बिजनेस कर रहे हैं तथा उन्हें लाभ मिल रहा है, यही भामाशाह जी के लिए सच्ची श्रद्धांजलि है। उन्होंने कहा कि जनपद स्तर पर जिन व्यापारियों को किसी भी प्रकार की समस्याएं होती हैं, उसके निराकरण हेतु प्रशासन तत्पर है। उन्होंने कहा कि व्यापार को बढ़ाएं और अपनी आय दोगुनी करें।
भामाशाह जी (1547 – 1600) बाल्यकाल से मेवाड़ के राजा महाराणा प्रताप जी के मित्र, सहयोगी और विश्वासपात्र सलाहकार थे। अपरिग्रह को जीवन का मूलमन्त्र मानकर संग्रहण की प्रवृत्ति से दूर रहने की चेतना जगाने में आप सदैव अग्रणी रहे। मातृ-भूमि के प्रति अगाध प्रेम था और दानवीरता के लिए भामाशाह नाम इतिहास में अमर है। दानवीर भामाशाह जी का जन्म राजस्थान के मेवाड़ राज्य में वर्तमान पाली जिले के सादड़ी गांव में 29 अप्रैल 1547 को ओसवाल जैन परिवार में हुआ। उनके पिता का नाम भारमल था जो रणथम्भौर के किलेदार थे। भामाशाह जी का निष्ठापूर्ण सहयोग महाराणा प्रताप जी के जीवन में महत्वपूर्ण और निर्णायक साबित हुआ। मातृ-भूमि की रक्षा के लिए महाराणा प्रताप जी का सर्वस्व होम हो जाने के बाद भी उनके लक्ष्य को सर्वोपरि मानते हुए अपनी सम्पूर्ण धन-संपदा अर्पित कर दी। यह सहयोग तब दिया जब महाराणा प्रताप जी अपना अस्तित्व बनाए रखने के प्रयास में निराश होकर परिवार सहित पहाड़ियों में छिपते भटक रहे थे। मेवाड़ के अस्मिता की रक्षा के लिए दिल्ली गद्दी का प्रलोभन भी ठुकरा दिया। महाराणा प्रताप जी को दी गई उनकी हरसम्भव सहायता ने मेवाड़ के आत्म सम्मान एवं संघर्ष को नई दिशा दी। व्यापारी कल्याण बोर्ड के पूर्व अध्यक्ष श्री रविकान्त गर्ग जी ने दानवीर भामाशाह के जन्म दिवस के अवसर पर व्यापारियों को बधाई देते हुए कहा कि भामाशाह जी ने महाराणा प्रताप के साथ मिलकर उनकी सहायता किया था उन्होंने जो दान दिया था उससे महाराणा प्रताप जी ने कई सालों तक अपने सैनिकों को वेतन देते रहे हैं भामाशाह बहुत ही नेक इंसान थे आज व्यापारी कल्याण दिवस जो मनाया जा रहा है और सभी व्यापारियों को सम्मानित किया जा रहा है यह उन्हीं की ही देन है। उत्तर प्रदेश सरकार के माननीय मुख्यमंत्री जी ने पूरे प्रदेश में दानवीर भामाशाह जी की जन्म दिवस मनाने का जो निर्णय लिया है, वह व्यापार मंडल की तरफ से उनकी भूरि भूरि प्रशंसा करते हैं।
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Author: Vijay Singhal
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