हिदुस्तान 24 टीवी न्यूज चीफ विजय सिंघल
मथुरा। महावन के गांव बंदी के युवक मोनू की पुलिस हिरासत में मौत के मामले में पुलिस जांच में कई राज सामने आए हैं। पता लगा है कि दतिया, ग्वालियर से मथुरा आते वक्त पुलिस हिरासत में चलती गाड़ी में एक परिचित ने मोनू व उसकी प्रेमिका को दवा के बहाने विषाक्त पदार्थ दिया था। मोनू ने दवा समझकर खा लिया। मगर, प्रेमिका फेंक दिया था। इधर, बंदी गांव में तनावपूर्ण माहौल है। किशोरी को महिला थाने में रखा गया है। बृहस्पतिवार को उसके बुद्ध पूर्णिमा के अवकाश के चलते मजिस्ट्रेटी बयान नहीं हो सके। शुक्रवार को बयान कराए जाएंगे। महावन के बंदी गांव का युवक मोनू पड़ोसी की किशोरी से प्रेम करता था। 20 मई को किशोरी स्कूल जाने के बहाने घर से निकली। इधर, मोनू पहले से तैयार था। दोनों बलदेव थाना क्षेत्र में पहुंचे। वहां से दतिया चले गए। मोनू के वहां रिश्तेदारी है। उनके यहीं वह रहता था। किशोरी के परिजनों ने मामले में नाबालिग बेटी को फुसलाकर ले जाने का मुकदमा दर्ज करा दिया।
जानकारी होने पर पुलिस किशोरी के पिता, मोनू के भाई निजी कार से वहां पहुंचे थे। उन्होंने युवक व किशोरी को बरामद कर लिया था। पुलिस दोनों को लेकर मथुरा लौट रही थी। तभी रास्ते में मोनू ने विषाक्त पदार्थ खा लिया। पुलिस ने ग्वालियर में भर्ती कराया। वहां मौत होने पर पोस्टमार्टम कराकर बुधवार देर शाम को शव लेकर मथुरा आई। इसके बाद मोनू के परिजनों ने शव रखकर हंगामा काट दिया था। वहीं, बंदी गांव में तनाव का माहौल है। मोनू की मौत को लेकर परिवार में गम है। गांव में पुलिस का पहरा है। गांव बंदी में बुधवार शाम मोनू का शव पहुंचने पर के बाद हुए घटनाक्रम व जाम लगाने के मामले में 31 नामजद व 30-40 अज्ञात लोगों के पुलिस ने केस दर्ज किया है। थानाध्यक्ष महावन आशा चौधरी ने बताया कि बुधवार को गांव बंदी में जाम लगाया गया था। ऐसे में शांति भंग की कार्रवाई की गई है। संजय त्यागी, इंस्पेक्टर ने कहा मामले में जांच की जा रही है। किशोरी के बयान भी कराए जाने हैं। पुलिस जांच में कई तथ्य प्रकाश में आए हैं। इन सभी की तस्दीक की जा रही है।
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Author: Vijay Singhal
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