हिदुस्तान 24 टीवी न्यूज चीफ विजय सिंघल
मथुरा। व्रन्दावन में ठाकुर बांकेबिहारी मंदिर में दर्शन का समय बढ़ाने के मामले में अभी न्यायालय ने कोई निर्णय नहीं लिया है। न्यायालय ने गुरुवार को प्रतिवादी मंदिर प्रबंधक को नोटिस जारी कर 16 दिसंबर को सुनवाई के लिए तिथि नियत की है। फिलहाल दर्शन का समय बढ़ाने का मामला अधर में लटक गया है। ठाकुर बांकेबिहारी मंदिर अभी प्रतिदिन आठ घंटे ही दर्शन देते हैं। लेकिन भीड़ नियंत्रण के लिए प्रशासन की मांग पर मंदिर प्रशासक सिविल जज जूनियर डिवीजन ने दर्शन का समय बढ़ाकर 11 घंटे करने का आदेश दिया था। मंदिर प्रबंधन ने दर्शन का समय बढ़ाने की तैयारी कर ही रहा था कि बुधवार को अधिवक्ता दीपक शर्मा और गिरधारी लाल शर्मा ने मंदिर प्रशासक के न्यायालय में प्रार्थना पत्र देकर कहा कि हम ठाकुर बांकेबिहारी की बालरूप में सेवा करते हैं। इसलिए इतने घंटे दर्शन की व्यवस्था करना ठीक नहीं है। इस पर रोक लगाई जाए। याची का तर्क सुनने के बाद न्यायालय ने निर्णय सुरक्षित रख लिया। याची गिरधारी लाल शर्मा ने बताया कि न्यायालय ने प्रतिवादी मंदिर प्रबंधक को नोटिस जारी किया है। प्रतिवादी के पक्ष को भी सुना जाएगा, इसके बाद ही कोई निर्णय लिया जाएगा। अब न्यायालय ने 16 दिसंबर की तिथि सुनवाई के लिए नियत की है। याची ने बताया कि फिलहाल दर्शन के समय में कोई बदलाव नहीं किया जाएगा। ठाकुर बांकेबिहारी जी के दर्शन समय बढ़ाने के लिए मंदिर प्रबंधक सिविल जज जूनियर डिवीजन के आदेश पर विरोध के स्वर उठने लगे हैं। मंदिर प्रबंधक ने समय सारिणी में श्रृंगार सेवा के समय को पहले की समायोजित करने की मांग की है। ताकि राजभोग व शयन भोग सेवा के साथ पहले की तरह 15 मिनट का समय अलग से रखा जाए। बढ़ती भीड़ को देख मंदिर प्रशासक सिविल जज जूनियर डिवीजन ने दर्शन के समय में तीन घंटे बढ़ाने की घोषणा की है। हालांकि अभी दर्शन समय मे बदलाव किस दिन से होगा देखना बाकी है। प्रशासक के इस निर्णय पर विरोध के स्वर मुखर होने लगे हैं। दूसरी ओर मंदिर प्रबंधक के सामने सेवायतों को संतुष्ट करने की चुनौती है। इसलिए मंदिर प्रबंधक मुनीश शर्मा ने प्रशासक को पत्र लिखकर श्रृंगार सेवा के 15 मिनट समायोजित करने की मांग की है, जो राजभोग सेवा से 15 मिनट पहले होती है। जिससे दिन की तीनों सेवाएं पूर्व की भांति संचालित होती रहे।7455095736
