हिदुस्तान 24 टीवी न्यूज़ चीफ विजय सिंघल
मथुरा। जिला जज आशीष गर्ग की अदालत ने विवाहिता को जिंदा जलाने के मामले में पांच ससुरलीजनों को दोषी करार दिया है। सजा को लेकर अदालत में मंगलवार सुनवाई होगी। सभी दोषी गिरफ्तारी के बाद से ही जेल में निरुद्ध हैं। अदालत ने मृत्यु पूर्व दिए गए बयानों के आधार पर सभी को दोषी करार दिया है। शासन की ओर से मुकदमे की पैरवी करने वाले जिला शासकीय अधिवक्ता शिवराम सिंह तरकर ने बताया कि ग्राम बरौली बलदेव निवासी रामवीर ने बेटी ममता उर्फ ममतेश की शादी वर्ष 2006 में राया के ग्राम अनौड़ा निवासी प्रवीन के साथ की थी। शादी के करीब 14 वर्ष बाद 2 जुलाई 2020 की शाम को करीब 5 बजे ममता को ससुराल वालों ने डीजल डाल कर जला दिया। करीब 90 प्रतिशत जल चुकी ममता को इलाज के लिए शहर के निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया था। रामवीर ने पति प्रवीन, चचिया ससुर रघुवीर सिंह, चचिया ससुर के बेटे दिलीप उसकी पत्नी बेबी देवी व सास जमुना देवी को नामजद करते हुए बेटी को डीजल डालकर जलाने की रिपोर्ट राया थाने में दर्ज कराई थी। इलाज के दौरान ममता ने करीब पांच दिन बाद दम तोड़ दिया। मरने से पूर्व ममता के मजिस्ट्रेट के समक्ष बयान दर्ज हुए थे। मृत्यु पूर्व दिए बयान में ममता ने पति, चचिया ससुर, चचिया सास, सास व चचिया ससुर के बेटे द्वारा डीजल डालकर जलाने की बात का खुलासा किया था। पुलिस ने सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर उनके खिलाफ आरोप पत्र न्यायालय में प्रेषित किया। मुकदमे की सुनवाई जिला जज आशीष गर्ग की अदालत में हुई। जिला शासकीय अधिवक्ता शिवराम सिंह तरकर ने बताया कि अदालत ने मृतका के मृत्यु पूर्व मजिस्ट्रेट के समक्ष दिए बयानों को आधार मानते हुए पति, चचिया ससुर, चचिया सास, उनके बेटे और सास को ममता को जिन्दा जला कर उसकी हत्या करने का दोषी करार दिया है।
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Author: Vijay Singhal
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