हिदुस्तान 24 टीवी न्यूज चीफ विजय सिंघल
मथुरा। मथुरा-वृंदावन नगर निगम के लोगों को मांग के सापेक्ष 40 एमएलडी पीने का पानी कम मिल पा रहा है। वहीं गिरते भूजल स्तर के कारण 16 ट्यूबवेल का पानी 20 फीट नीचे उतर गया है। पेयजल आपूर्ति की समस्या को दूर करने के लिए सभी ट्यूबवेलों पर नगर निगम नजर बनाए है। खराब होने की स्थिति में 24 घंटे के अंदर उसे ठीक किया जा रहा है।
मथुरा-वृंदावन नगर निगम क्षेत्र के लोगों को 125 एमएलडी पानी की आवश्यकता है। इसके सापेक्ष 85 एमएलडी पानी उपलब्ध हो रहा है। इसमें 25 एमएलडी गंगाजल मथुरावासियों को पीने क लिए मिल रहा है, जबकि बाकी पानी की आपूर्ति मथुरा-वृंदावन में लगे 429 ट्यूबवेल से की जा रही है। इसके बावजूद भी यदि पानी किसी कारणवश लोगों तक नहीं पहुंच पा रहा था, उस स्थिति में लोगों को पानी पहुंचाने के लिए 42 टैंकरों का सहारा लिया जा रहा है। जैसे-जैसे गर्मी का पारा चढ़ रहा है वैसे-वैसे ही भूजल स्तर नीचे गिर रहा है। यही कारण है कि विगत दिनों में 16 ट्यूबवेल का जल स्तर 15 से 20 फीट नीचे गिर गया। जिसे पानी के पंपों ने कार्य करना बंद कर दिया। उन्हें समय-समय पर नगर निगम की टीम ने कॉलम पाइप लगाकर फिर से चालू किया। वहीं नगर निगम क्षेत्र में लगे निगम के 1756 हैंडपंप ही लोगों की प्यास बुझा रहे हैं, जबकि जगह-जगह लगे 604 हैंडपंप खराब हो चुके हैं, जिनकी मरम्मत होना संभव नहीं है। रामकैलाश, अधिशासी अभियंता, जलकल विभाग नगर निगम ने कहा, गर्मी में पानी की मांग बढ़ जाती है, जबकि भूजल स्तर नीचे गिरता है। इस चुनौती के लिए नगर निगम पूरी तरह तैयार है। निगम के 424 ट्यूबवेलों पर 24 घंटे नजर रखी जा रही है। खराब होने पर उन्हें 24 घंटे के अंदर ठीक किया जा रहा है। इसके अलावा जहां भी पेयजल आपूर्ति की दिक्कत आती वहां टैंकरों के माध्यम से पानी पहुंचाया जा रहा है।
मथुरा-वृंदावन नगर निगम क्षेत्र के लोगों को 125 एमएलडी पानी की आवश्यकता है। इसके सापेक्ष 85 एमएलडी पानी उपलब्ध हो रहा है। इसमें 25 एमएलडी गंगाजल मथुरावासियों को पीने क लिए मिल रहा है, जबकि बाकी पानी की आपूर्ति मथुरा-वृंदावन में लगे 429 ट्यूबवेल से की जा रही है। इसके बावजूद भी यदि पानी किसी कारणवश लोगों तक नहीं पहुंच पा रहा था, उस स्थिति में लोगों को पानी पहुंचाने के लिए 42 टैंकरों का सहारा लिया जा रहा है। जैसे-जैसे गर्मी का पारा चढ़ रहा है वैसे-वैसे ही भूजल स्तर नीचे गिर रहा है। यही कारण है कि विगत दिनों में 16 ट्यूबवेल का जल स्तर 15 से 20 फीट नीचे गिर गया। जिसे पानी के पंपों ने कार्य करना बंद कर दिया। उन्हें समय-समय पर नगर निगम की टीम ने कॉलम पाइप लगाकर फिर से चालू किया। वहीं नगर निगम क्षेत्र में लगे निगम के 1756 हैंडपंप ही लोगों की प्यास बुझा रहे हैं, जबकि जगह-जगह लगे 604 हैंडपंप खराब हो चुके हैं, जिनकी मरम्मत होना संभव नहीं है। रामकैलाश, अधिशासी अभियंता, जलकल विभाग नगर निगम ने कहा, गर्मी में पानी की मांग बढ़ जाती है, जबकि भूजल स्तर नीचे गिरता है। इस चुनौती के लिए नगर निगम पूरी तरह तैयार है। निगम के 424 ट्यूबवेलों पर 24 घंटे नजर रखी जा रही है। खराब होने पर उन्हें 24 घंटे के अंदर ठीक किया जा रहा है। इसके अलावा जहां भी पेयजल आपूर्ति की दिक्कत आती वहां टैंकरों के माध्यम से पानी पहुंचाया जा रहा है।
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Author: Vijay Singhal
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