डॉ. रविंद्र कुमार यादव ने बताया की शिवसेवक की हालत बहुत गंभीर थी, तुरंत उन्हें प्राथमिक उपचार दिया गया। ऑक्सीजन भी लगाई गई। बिहारी जी की कृपा से वह यहीं होश में आ गए। उन्हें अस्पताल के लिए रेफर कर दिया गया। यह हालात दोपहर के समय राजभोग आरती के समय हुए। मंदिर और मंदिर के बाहर हुई भीड़ से हालात बिगड़ने लगे। भीड़ को नियंत्रण करने के लिए प्रयास किए गए लेकिन यह प्रयास नाकाफी साबित हो रहे थे। इधर, मंदिर पहुंचने के लिए सोमवार को सुबह लगाई गई लाइन हरिनिकुंज चौराहे तक पहुंच गई। जहां लाइन में लगकर भक्त अपने आराध्य के दर्शन करने के लिए पहुंचे। रविवार को मंदिर और मंदिर के बाहर हुई भीड़ के दबाव में फंसकर पांच श्रद्धालु बेहोश हो गए थे। इन सभी को उपचार के लिए अस्पताल ले जाना पड़ा। वहीं, मंदिर में दर्शन की नई व्यवस्था से बाहर से आए बच्चे, बुजुर्ग व महिला श्रद्धालुओं के साथ-साथ स्थानीय लोगों को भी भारी परेशानी हुई।
