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जनपद न्यायालय मथुरा में राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन न्यायाधीश की अध्यक्षता किया

ByVijay Singhal

Nov 13, 2022
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हिदुस्तान 24 टीवी न्यूज चीफ विजय सिंघल
मथुरा। जनपद न्यायालय मथुरा में राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन किया गया। इस राष्ट्रीय लोक अदालत की अध्यक्षता जनपद न्यायाधीश अध्यक्ष, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, राजीव भारती द्वारा की गई। इस अवसर पर प्रधान न्यायाधीश, परिवार न्यायालय विदुषी सिंह, पीठासीन अधिकारी,मोटर दुर्घटना प्रतिकर न्यायाधिकरण रणधीर सिंह सहित समस्त न्यायिक अधिकारी, कर्मचारी, एडवोकेट, बैंक,मोबाइल,फाइनेंस कंपनियों के अधिकारी, वादकारी, परा विधिक स्वयं सेवक आदि उपस्थित रहे। राष्ट्रीय लोक अदालत का शुभारंभ जनपद न्यायाधीश राजीव भारती द्वारा मां सरस्वती के चित्र पर माल्यार्पण व दीप प्रज्ज्वलित कर किया गया। राष्ट्रीय लोक अदालत में जिला मुख्यालय, कलेक्ट्रेट, तहसील स्तर पर कुल 3 लाख15 हजार 296 वाद निस्तारण हेतु नियत किये गये। जिनमें से 260404 वादों (दो लाख साठ हजार चार सौ चार वादों) का निस्तारण किया गया।राजीव भारती, जनपद न्यायाधीश, द्वारा 53 सिविल वाद व 16 फौजदारी वादों का निस्तारण किया गया। राष्ट्रीय लोक अदालत में विदुषी सिंह, प्रधान न्यायाधीश, परिवार न्यायालय द्वारा 60 पारिवारिक वाद तथा अरविन्द कुमार शुक्ला, अतिरिक्त प्रधान न्यायाधीश, परिवार न्यायालय, मथुरा द्वारा 21 पारिवारिक वादों का निस्तारण किया गया। वैवाहिक वादों से संबंधित प्री-लिटिगेशन प्रार्थना पत्रों में 7 प्रार्थना पत्रों का निस्तारण करते हुए 7 वैवाहिक जोड़ों के मध्य उत्पन्न हुए विवाद को गठित पीठ द्वारा समाप्त किया गया। मोटर दुर्घटना प्रतिकर वादों में रणधीर सिंह, पीठासीन अधिकारी, मोटर वाहन दुर्घटना प्रतिकर न्यायाधिकरण द्वारा मोटर दुर्घटना प्रतिकर वादों से संबंधित 64 वादों का निस्तारण कर 4,24,71,600/-रुपये (चार करोड़ चौबीस लाख इकहत्तर हजार छः सौ रुपये मात्र) की प्रतिकर राशि पीड़ित पक्षकार को दिलाये जाने के आदेश पारित किये गये। फौजदारी न्यायालयों द्वारा फौजदारी से संबंधित 12 हजार 18 वादों का निस्तारण कर 18 लाख 22 हजार 70/- रुपये का अर्थदण्ड वसूला गया। चैक बाउन्स के वादों से संबंधित 102 वादों का निस्तारण कर 2,41,00,298/- रुपये (दो करोड़ इक्तालीस लाख दो सौ अट्ठानवे रुपये मात्र) का भुगतान पक्षकारों को करने के आदेश पारित किये गये। 58 व्यावहारिक वाद, 98 विद्युत अधिनियम वाद, 551 विद्युत अधिनियम अंतिम आख्या, 105 अंतिम आख्या तथा 28 अन्य प्रकार के वादों का निस्तारण किया गया।राष्ट्रीय लोक अदालत में विभिन्न बैंकों, मोबाइल कंपनियों द्वारा निस्तारण हेतु लगाये गये प्री-लिटिगेशन वादों में 1335 वादों का निस्तारण कर 6,09,04,076/-रुपये (छः करोड़ नौ लाख चार हजार छियत्तर रुपये मात्र) वसूले गये। राष्ट्रीय लोक अदालत में उपस्थित बैंकों,मोबाइल व फाइनेंस कंपनियों की स्टाॅलों पर जनपद न्यायाधीश द्वारा जाकर पक्षकारों को व्यक्तिगत रूप से सुना तथा पक्षकारों के मामलों के निस्तारण हेतु उपस्थित बैंक अधिकारियों को आवश्यक दिशा निर्देश दिये गये। प्रशासनिक न्यायालयों,विभागों द्वारा प्री-लिटिगेशन स्तर पर 2 लाख45 हजार 834 वादों का निस्तारण किया गया। राष्ट्रीय लोक अदालत के अवसर पर आर्बीट्रेशन वादों के निस्तारण हेतु आयोजित विशेष लोक अदालत में 54 आर्बीट्रेशन वादों का निस्तारण किया गया। राष्ट्रीय लोक अदालत के अंत में नोडल अधिकारी अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश अभिषेक पांडेय तथा सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण सुश्री सोनिका वर्मा द्वारा उपस्थित सभी का आभार व्यक्त किया गया। लघु आपराधिक वादों हेतु 9 नवंबर से 11 नवंबर तक आयोजित विशेष लोक अदालत में 7492 लघु आपराधिक वादों का निस्तारण किया गया।
7455095736
Vijay Singhal
Author: Vijay Singhal

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