हिदुस्तान 24 टीवी न्यूज चीफ विजय सिंघल
मथुरा। छाता गन्ना मिल की राह में खड़ी मुश्किलें खत्म होने का नाम नहीं ले रही है। गन्ना मिल का टेंडर चौथी बार भी रद्द हो गया है। अब पांचवी बार टेंडर खोला गया है। चौथा टेंडर भी रद्द हो जाने से गन्ना मिल की शुरुआत में अभी और समय लगेगा।
इसके साथ ही पांचवी बार टेंडर की प्रक्रिया शुरू की गई है। 2 मई तक टेंडर डाले जाएंगे और 3 मई को खोले जाएंगे। चौथे टेंडर में तीन कंपनियों ने फाइनेंशियल बिड में हिस्सा लिया था। इनमें से दो कंपनियों को फाइनेंशियल बिड तक पहुंचने का मौका मिला। फाइनेंशियल बिड खुलने पर कंपनियों के रेट निर्धारित डीपीआर से ज्यादा थे। इसलिए रद्द कर दिया गया है। छाता गन्ना मिल का करीब 500 करोड़ के बजट से कायाकल्प किया जाएगा। प्रथम चरण में 3000 टीसीडी क्षमता का गन्ना पेराई संयंत्र स्थापित किया जाएगा। दूसरे चरण में 60 केएलपीडी क्षमता का डिस्टलरी प्लांट लगाया जाएगा। तीसरे चरण में लॉजिस्टिक पार्क की स्थापना की जाएगी। मिल में इथेनॉल प्लांट लगाया जाएगा। छाता गन्ना मिल बंद होने के बाद जिले में गन्ने की फसल का रकबा तेजी से कम हो गया। अब मिल खुलने की उम्मीद पर किसानों ने फिर से गन्ने की खेती की तरफ रुझान किया है। गन्ने की पैदावार को बढ़ावा देने के लिए हापुड़ और बुलंदशहर से उन्नत किस्म का बीज मंगाया गया है। वर्ष 2001-02 में जब छाता शुगर मिल चालू थी तब 17921.992 हेक्टेयर क्षेत्रफल में किसान गन्ने फसल लेते थे। इससे 70.12 लाख क्विंटल गन्ने की पैदावार होती थी। फहीम अहमद सिद्दीकी, अधिशासी निदेशक छाता गन्ना मिल ने कहा चीनी मिल शुरू होने के बाद जिले के आर्थिक विकास को भी गति मिलेगी। काफी संख्या में लोगों को रोजगार भी मिलेगा। जिले में 678 गांव गन्ना समिति के अधीन हैं। समिति में 44285 गन्ना किसान सदस्य हैं।
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Author: Vijay Singhal
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