हिदुस्तान 24 टीवी न्यूज चीफ विजय सिंघल
मथुरा। वन्यजीव की हत्या करने से रोकने वाले की 11 वर्ष पूर्व हुई हत्या के मामले में अदालत ने पिता, तीन पुत्रों समेत पांच को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। अन्य तीन अन्य को जिला प्रोबेशन अधिकारी की निगरानी पर छोड़ दिया गया है। वारदात 26 जुलाई 2011 की बरसाना के गांव हाथिया में हुई थी। शाम के समय खेत पर हाथिया निवासी जगराम, उसका भाई नंदराम व परिवार के अन्य लोग मौजूद थे। सभी बाजरे में पानी लगा रहे थे। तभी वहां पर गांव के ही खालिद , सद्दीक व बिल्ला उर्फ बिलाल पुत्रगण बरकत, बरकत और लुकमान को अपने हाथों में डंडा-तमंचा आदि लेकर पहुंच गए। नील गाय, मोर आदि का शिकार करने लगे। जगपाल व उसके परिवारवालों ने इनका विरोध किया। सभी ने जगपाल आदि पर हमला बोल दिया। जगपाल को पहले डंडे आदि से मारा गया बाद में गोली मार दी गई। गंभीर हालत में परिजन जगपाल को अस्पताल ले गए। जहां पर मृत घोषित कर दिया गया। जब जगराम का भाई नंदराम रिपोर्ट दर्ज कराने जा रहा था, तब ग्रामीण साहिर, जाकिर व मुवीन उन्हें रोकने की कोशिश की। नंदराम ने सभी आठ लोगों के खिलाफ थाना बरसाना में रिपोर्ट दर्ज कराई। केस की सुनवाई एडीजे-अष्टम नितिन पांडे की अदालत में हुई। अभियोजन ने 11 गवाह पेश किए। अदालत ने शुक्रवार को निर्णय देते हुए खालिद, सद्दीक व बिल्ला उर्फ बिलाल पुत्रगण बरकत, बरकत और लुकमान को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। एडीजीसी अभिषेक सिंह ने बताया कि निर्णय दिए जाने के बाद आजीवन कारावास की सजा पाने वाले पांच दोषियों को जेल भेज दिया गया है। जबकि थाने जाने से रोकने वाले तीन अभियुक्त साहिर, जाकिर व मुवीन को जिला प्रोबेशन अधिकारी की निगरानी पर छोड़ दिया है।
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Author: Vijay Singhal
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