हिदुस्तान 24 टीवी न्यूज चीफ विजय सिंघल
मथुरा। मथुरा जनपद एवं कोसीकलां में 89 क्रय केंद्र गेहूं खरीद के लिए चालू हो गए, लेकिन पहले दिन एक भी किसान नहीं पहुंचा। यहां सन्नाटा दिखा। पहले दिन जिले के सभी क्रय केंद्रों पर सन्नाटा रहा। अधिकारी पूरी तैयारी के साथ क्रय केंद्रों पर किसानों के आने का इंतजार करते रहे, लेकिन पहले दिन एक भी किसान गेहूं बेचने के लिए नहीं पहुंचा। दिन भर किसानों का इंतजार करने के बाद अधिकारियों ने शाम पांच बजे क्रय केंद्र बंद कर दिए। अब तक करीब 450 किसान गेहूं बेचने के लिए विभागीय वेबसाइट पर पंजीकरण करवा चुके हैं। बता दें कि पूर्व में गेहूं की खरीद एक अप्रैल से की जाती थी। इस बार क्रय केंद्र एक महीने पहले ही खोल दिए गए हैं। ऐसे में अधिकारियों को उम्मीद है कि करीब 15 दिन बाद क्रय केंद्रों पर गेहूं की खरीद शुरू हो पाएगी। वहीं, बताया जा रहा है कि अभी बलदेव, गोवर्धन, फरह समेत अन्य विकास खंडों में गेहूं की फसल कटी नहीं है। खेतों में ही खड़ी है। ऐसे में फसल पूरी तरह कट जाने के बाद ही किसान उसे बेचने के लिए निकलेंगे। इधर, कोसीकलां मंडी में विभिन्न एजेंसियों के 4 क्रय केंद्र किसानों के गेहूं को खरीदने के लिए बनाए गए हैं। शुक्रवार को पहले दिन क्रय केंद्रों पर सन्नाटा रहा। कोई भी किसान गेहूं बेचने नहीं आया। केंद्र प्रभारी सुबह से पहुंचकर केंद्र पर कुर्सी बैनर आदि की व्यवस्था में जुटे रहे।
सरकारी क्रय केंद्रों पर गेहूं के लिए 2275 रुपये की दर निर्धारित की गई है। जबकि मंडी के आढ़तिये गेहूं की खरीद पर 2400 रुपये प्रति क्विंटल की रेट देने को तैयार हैं। ऐसे में किसान के शुरुआती दौर में गेहूं लेकर सरकारी क्रय केंद्रों पर पहुंचेंगे की उम्मीद कम ही है। संतोष यादव, डिप्टी आरएमओ खाद्य एवं विपणन विभाग ने कहा क्रय केंद्रों पर गेहूं खरीदने के लिए पूरी तैयारी कर ली गई है। शुक्रवार से निर्धारित किए गए सभी 89 केंद्र खोले गए थे, लेकिन एक भी किसान गेहूं बेचने के लिए नहीं पहुंचा है।
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Author: Vijay Singhal
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