मथुरा। जनपद में अनेक मिलावटखोर थोड़े से मुनाफे के लालच में आपकी सेहत से खिलवाड़ कर रहे हैं। इन्होंने कान्हा का प्रिय दूध और मावा भी दूषित कर दिया है। दूध निर्मित उत्पादों में मानव स्वास्थ्य के लिए घातक रसायन मिलाए जा रहे हैं। खाद्य सुरक्षा एवं औषधि विभाग की टीम द्वारा पिछले एक साल में मिलावटखोरी के शक में लिए गए सैंपलों की जांच रिपोर्ट के आधार पर यह खुलासा हुआ है। खाद्य सुरक्षा एवं औषधि विभाग द्वारा बीते एक साल में की गई कार्रवाई और लैब से प्राप्त रिपोर्ट मिलावटखोरी की गवाही दे रही है। एक साल में दूध के 95 नमूने लिए गए, इनमें से 41 अधोमानक यानी मानकों से परे पाए गए। वहीं, छह नमूने रसायनों की भारी मात्रा के चलते मानव स्वास्थ्य के लिए असुरक्षित पाए गए हैं। इधर, मावा के 14 सैंपल लिए गए, जिनमें से 6 अधोमानक और छह असुरक्षित पाए गए हैं। घी के 25 नमूनों में से सात अधोमानक और 2 मानव स्वास्थ्य के लिए हानिकारक पाए गए हैं। खाद्य विभाग ने अधोमानक पाए गए सैंपलों के संबंधित विक्रेताओं के खिलाफ एडीएम कोर्ट में वाद दायर कराया है। वहीं, असुरक्षित पाए गए खाद्य पदार्थों के संबंध में संबंधित विक्रेताओं के खिलाफ सीजेएम कोर्ट में वाद दायर कराया है। सहायक आयुक्त डा. गौरीशंकर ने बताया कि महाशिवरात्रि का पर्व आने को है। ऐसे में लोग उपहार में मिठाई, नमकीन देने के लिए खरीदारी से पहले इन खाद्य पदार्थों को ठीक से देख लें। इसके साथ ही रंगीन मिठाइयां न खरीदें। एफडीए टीम को मिष्ठान विक्रेताओं के यहां निरीक्षण के निर्देश दिए हैं। लोगों को भी जागरूक होना चहिए। बिना ढकी और गंदगी, मक्खी, मच्छर लगी मिठाई न खरीदें। जब भी आप किसी दुकान पर सामान खरीदने जाएं, तो सामान की रसीद अवश्य लें। ब्रांड या फिर आईएसआई मार्क देखकर ही सामान खरीदें। अगर, पैक्ड या खुले हुए सामान का मिलावट या नकली होने का शक हो तो तत्काल 8923933618 नंबर पर शिकायत दर्ज कराएं। टीम तत्काल मौके पर पहुंचकर कार्रवाई करेगी।
7455095736
Author: Vijay Singhal
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