मथुरा। छाता चीनी मिल के जल्दी चालू होने की उम्मीद बढ़ गई है। टेंडर के लिए डाली गई तकनीकी बिड खुल गई है। अब वित्तीय बिड खोलने की दिशा में काम किया जा रहा है।
जिले में कम हो रहा गन्ने के रकवा वसंत कालीन मौसम में 630 हेक्टेयर होने वाला है। गन्ना उत्पादन को बढ़ावा के लिए हापुड़ और बुलंदशहर से उन्नत किस्म के गन्ने का बीज मंगाया गया है। ये सारी कवायद इसलिए की जा रही है, क्योंकि गन्ना मिल खुलने की उम्मीद बढ़ गई है। तकनीकी बिड खुलने के साथ प्रक्रिया एक कदम और आगे बढ़ गई है। अब बस वित्तीय बिड के खुलने का इंतजार है। इसके बाद चीनी मिल में नवनिर्माण का काम शुरू हो जाएगा। जिले के गन्ना किसानों की बड़ी मुश्किल खत्म हो जाएगी। गन्ने की फसल करने के बाद उन्हें इसे बेचने के लिए शहर से बाहर नहीं जाना पड़ेगा। उनकी पूरी पैदावार की खपत गन्ना मिल में ही हो जाएगी। वित्तीय बिड खुलने के बाद जिस भी कंपनी को टेंडर मिलेगा। उसका वर्क ऑर्डर जारी कर दिया जाएगा। इसके बाद प्रथम चरण में 551 करोड़ का बजट खर्च करके छाता चीनी मिल में 3000 टीसीडी क्षमता का गन्ना पेराई संयंत्र स्थापित किया जाएगा। डिस्टलरी प्लांट की स्थापना की जाएगी। लॉजिस्टिक हब बनाया जाएगा। एथनॉल प्लांट लगाया जाएगा। प्रशासनिक भवन और आवासीय भवनों का निर्माण किया जाएगा। चीनी मिल शुरू होने के बाद जिले के आर्थिक विकास को भी गति मिलेगी। काफी संख्या में लोगों को रोजगार भी मिलेगा। गन्ना किसानों को रुझान एक बार फिर गन्ने की खेती की तरफ बढ़ जाएगा। जिले में 678 गांव गन्ना समिति के अधीन हैं। समिति में 44285 गन्ना किसान सदस्य हैं। ओमप्रकाश सिंह, जिला गन्ना अधिकारी ने कहा तकनीकी बिड खुल गई है। जल्दी ही वित्तीय बिड खोली जाएगी। प्रक्रिया पूरी होते ही छाता शुगर मिल को लेकर बनाई गई कार्ययोजना पर काम शुरू हो जाएगा।
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Author: Vijay Singhal
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