हिदुस्तान 24 टीवी न्यूज चीफ विजय सिंघल
मथुरा। कोसीकलां में अनुदान के लालच में शादीशुदा लोग कुंवारे बन गए। मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना के तहत अनुदान पाने के लिए शादी का आवेदन कर दिया, लेकिन जांच हुई तो फर्जीवाड़ा पकड़ में आ गया। कोसीकलां में मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना के तहत 700 आवेदकों ने पंजीकरण करवाया था। इनमें से 56 आवेदकों का सत्यापन करवाया गया। जांच के बाद तीन आवेदन निरस्त कर दिए गए। पता चला कि इनमें से दो लोग पहले से ही शादीशुदा थे। शेष 53 जोड़ों का विवाह करवाया गया। दरअसल अनेक लोग महज अनुदान का लाभ लेने के लिए विभागीय वेबसाइट पर पंजीकरण करवा देते हैं। यह सोचकर आवेदन करते हैं कि जांच आएगी तो मामले को निपटा लेंगे, लेकिन जांच टीम ने दो आवेदकों के घर पहुंचकर पूछताछ की, तो उन्होंने खुद को कुंवारा बताया। आवेदकों के हावभाव देखकर टीम को शक हुआ। टीम चुपचाप आगे बढ़ गई। गोपनीय तरीके से जानकारी जुटाई तो पता चला कि कुंवारा बनकर शादी के लिए आवेदन करने वाले दोनों युवक पहले से शादीशुदा हैं। पुष्टि के बाद अधिकारियों ने दोनों आवेदकों के पंजीकरण निरस्त करवा दिए। जबकि तीसरे आवेदक ने कम उम्र होने के बाद भी अनुदान के लालच में शादी के लिए आवेदन कर दिया था। प्रमाण पत्रों की जांच के बाद जांच उसके आवेदन को भी निरस्त कर दिया है।
सामाजिक संस्था की रही सहभागिता
कोसीकला में नंदगांव रोड स्थित श्री गोविंद गार्डन में आयोजित विवाह समारोह में ब्रज प्रभात सेवा संस्थान ने सहभागिता की। योजना के तहत चयनित 53 जोड़ों ने एक दूजे को वरमाला पहनाकर सात फेरे लिए। आयोजक मंडल ने बरातियों की आवभगत करने के साथ घरेलू सामान उपहार स्वरूप प्रदान किया। कार्यक्रम का शुभारंभ कोकिलावन धाम के श्री महंत प्रेमदास महाराज, हिंदू यूनाइटेड फ्रंट के अध्यक्ष जयभगवान गोयल, चेयरमैन धर्मवीर अग्रवाल, भागवत वक्ता धर्मजी महाराज ने किया। नगेंद्र पाल सिंह, समाज कल्याण अधिकारी ने बताया। मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना के तहत 53 जोड़ों के विवाह संपन्न करवाए हैं। जांच में शादीशुदा मिलने पर दो लोगों के आवेदन निरस्त किए गए थे। एक व्यक्ति की उम्र कम होने के कारण उसका आवेदन निरस्त किया गया था।
7455095736
Author: Vijay Singhal
50% LikesVS
50% Dislikes
