हिदुस्तान 24 टीवी न्यूज चीफ विजय सिंघल
मथुरा। वृंदावन में वर्ष 2020 में यूक्रेन की किशोरी संग दुष्कर्म की वारदात में शुक्रवार को एडीजे पॉक्सो प्रथम रामराज द्वितीय की अदालत ने पाकिस्तानी युवक को दोषी करार देते हुए 20 साल कठोर कारावास 23 हजार रुपये जुर्माने से दंडित किया है। अभियोजन पक्ष के अधिवक्ता विशेष लोक अभियोजक रामवीर यादव व एडीजीसी नरेंद्र शर्मा ने बताया कि वृंदावन के रमणरेती पुलिस चौकी क्षेत्र में रहने वाले यूक्रेन के नागरिक ने वृंदावन थाने में दर्ज करवाई रिपोर्ट में आरोप लगाया था कि उनकी 13 वर्षीय बेटी के साथ 31 अगस्त 2020 की रात परिचित आनंद कुमार पुत्र तुलसी सान्याल निवासी कराची, पाकिस्तान, हाल निवासी बारहघाट, वृंदावन ने घर में घुसकर दुष्कर्म किया। घटना के समय उनकी बेटी घर में अकेली थी। पत्नी 2018 में तलाक होने के कारण अलग रहती है और आरोपी उसके साथ सहमति संबंध में रहता है। पुलिस ने आरोपी आनंद कुमार को परिक्रमा मार्ग स्थित इमली तला के पास से गिरफ्तार कर जेल भेजा। विवेचना के बाद कोर्ट में चार्जशीट दाखिल की। कोर्ट ने मजबूत साक्ष्यों के आधार पर आनंद कुमार को दुष्कर्म का दोषी करार देते हुए 20 साल कठोर कारावास और 23 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। पर्यटक वीजा पर भारत आनंद आया था। पीड़िता की मां के साथ सम्बन्ध थे। कोर्ट में गवाही के दौरान सामने आया कि पीड़िता की मां 2016 से पति से अलग हो गई थी। 2018 में दोनों का तलाक हो गया। आनंद उसके साथ सहमति संबंध में रहने लगा। बचाव पक्ष ने तर्क दिया था कि पूर्व पत्नी के संबंधों के चलते पति द्वारा अपनी बेटी को ढाल बनाते हुए फर्जी मुकदमा दर्ज कराया गया है। मगर, पीड़िता के बयानों से बचाव पक्ष की यह दलील काम न आई।एसपीओ रामवीर यादव ने बताया कि आनंद के भाई ने कोर्ट में बताया कि वह मां और भाई आनंद के साथ 2009 में पर्यटक वीजा पर भारत आया था। सबसे पहले ऋषिकेश घूमने गए। अध्यात्म भाव के चलते बाद में लांग टर्म वीजा पर यहीं रह गए। आनंद ने भारतीय नागरिकता के लिए आवेदन भी कर रखा है, मगर अभी मिली नहीं है। कोर्ट में गवाही के दौरान सामने आया कि पीड़िता की मां 2016 से पति से अलग हो गई थी। 2018 में दोनों का तलाक हो गया। आनंद उसके साथ सहमति संबंध में रहने लगा। बचाव पक्ष ने तर्क दिया था कि पूर्व पत्नी के संबंधों के चलते पति द्वारा अपनी बेटी को ढाल बनाते हुए फर्जी मुकदमा दर्ज कराया गया है। मगर, पीड़िता के बयानों से बचाव पक्ष की यह दलील काम न आई। दुष्कर्म से सहमी किशोरी रही खामोश, व्हाट्सएप चैट से खुली सच्चाई पीड़िता के पिता ने कोर्ट को बताया कि 31 अगस्त की बेटी घर में अकेली थी। तभी आरोपी ने उसे व्हाट्सएप मैसेज किया और घर आने को बोला। बेटी ने पिता के घर न होने की बात कही। मगर, आनंद 10 मिनट बाद ही घर आ गया। अगले दिन सुबह आनंद ने बेटी को व्हाट्सएप मैसेज किया। इसमें कुछ बातें लिखीं थीं, जिनका उन्होंने खुद जवाब दिया। शक होने परबेटी से बातचीत की तब बेटी ने खुद के साथ हुई वारदात का राज उजागर किया।
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Author: Vijay Singhal
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