हिदुस्तान 24 टीवी न्यूज चीफ विजय सिंघल
मथुरा। जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी ने फर्जी दस्तावेज से नौकरी हासिल करने के दोषी पाए गए 7 और शिक्षकों को बुधवार को बर्खास्त कर दिया है। इससे पूर्व जनवरी में 9 शिक्षकों की बर्खास्तगी की जा चुकी है।
वर्ष 2015 में प्रदेश में 15 हजार शिक्षक भर्ती के दौरान जिले में कई शिक्षक ऐसे थे, जिनके दस्तावेज सत्यापन में फर्जी मिले थे। वर्ष 2016 में तत्कालीन बीएसए मनोज मिश्रा द्वारा थाना हाइवे में 19 शिक्षकों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने को लेकर तहरीर दी गई थी, लेकिन इन शिक्षकों के ऊपर तक रसूख होने के कारण मुकदमा दर्ज नहीं हो सका और ये लगातार विद्यालय में उपस्थिति दे रहे थे। वर्ष 2023 में इन शिक्षकों के खिलाफ बीएसए सुनील दत्त ने थाना हाइवे में मुकदमा दर्ज कराया। इसके बाद 16 जनवरी 2024 को 9 शिक्षक बर्खास्त कर दिए गए। इनमें से 8 शिक्षक वही थे, जिन पर एफआईआर भी हुई थी। बुधवार को सात और शिक्षकों को बर्खास्त करने के बाद नौकरी से हटाए गए कुल शिक्षकों की संख्या 16 हो गई है। इस कार्रवाई के बाद जांच के दायरे में शामिल अन्य शिक्षकों में खलबली मच गई है। फर्जी पाए गए शिक्षकों के खिलाफ तत्कालीन बीएसए मनोज मिश्रा के तहरीर देने के बाद भी मुकदमा दर्ज नहीं हो सका था। ये तैनाती वाले विद्यालयों में 2015 से अब तक उपस्थिति दर्ज करा रहे थे। हालांकि इस दौरान इन्हें वेतन नहीं मिला, लेकिन इनका विद्यालय में हाजिरी देना जारी रहा। इस दौरान कई बार इनके खिलाफ जांच हुई। कई बार इन पर कार्रवाई के लिए लिखा गया लेकिन कुछ नहीं हो सका। नौहझील, तेजवीर प्राथमिक विद्यालय कमौरा बलदेव, मेघराज सिंह प्राथमिक विद्यालय चौकड़ा मांट, सुधीर कुमार प्राथमिक विद्यालय नगला लच्छी चौमुहां, रामबाबू प्राथमिक विद्यालय भैंसारा मांट, योगेंद्र सिंह प्राथमिक विद्यालय खड़ौरा बलदेव और साहब सिंह खरंजवास, मांट है। 19 शिक्षकों पर मुकदमा दर्ज कराया गया था। इनमें से 7 शिक्षकों को बुधवार बर्खास्त कर दिया है। इन्हें मिलाकर नौकरी से हटाए गए शिक्षकों को संख्या 16 हो गई है। शेष के खिलाफ भी जल्द कार्रवाई होगी।
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Author: Vijay Singhal
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