हिदुस्तान 24 टीवी न्यूज चीफ विजय सिंघल
मथुरा के गांव पचावर में बिजली घर पर कार्यरत संविदा कर्मी ने जहर खा कर अपनी जीवन लीला समाप्त कर ली। जिसका आरोप मृतक के परिजनों ने एसडीओ लक्ष्मी नगर पर लगाए हैं। परिजनों ने बिजली घर पहुंच कर हंगामा किया और एसडीओ के खिलाफ कार्यवाही की मांग की। पुलिस के समझाने पर परिजन मान गए और शव को लेकर अंतिम संस्कार के लिए ले गए। रंजीत लक्ष्मी नगर स्थित बिजलीघर पर 2004 से संविदा कर्मचारी के पद पर कार्यरत था। भाई विजय ने बताया किसी कारण अगस्त 2023 में उसे निलंबित कर दिया गया। तीन माह पूर्व वह दोबारा कार्य करने लगा। परिजन का आरोप है विभाग ने उसका वेतन रोक दिया था। उसने एसडीओ से संपर्क कर अपने दस्तावेज भी दिए, आरोप है अधिकारी ने उन्हें फाड़ दिया और उसे दोबारा निलंबित कर दिया। इससे वह अवसाद में चला गया। सोमवार सुबह लगभग 9 बजे घर पर पत्नी से मथुरा जाने की कह कर निकला। मंगलवार शाम मांट ब्रांच गंग नहर की पटरी पर गांव नगला तुलसी जाने वाले मार्ग पर उसके बदहवास हालत में पड़े होने की सूचना ग्रामीणों ने परिजन को दी। परिजन ने उसे अड्डा कारब स्थित अस्पताल में भर्ती कराया। जहां से उसे मथुरा भेज दिया गया। उपचार के दौरान बुधवार को उसकी मौत हो गई। रंजीत की शादी 6 साल पूर्व हुई थी। उसके 1 साल का बेटा गोलू और 3 साल की बेटी रिया है। उसकी जेब से विषाक्त पदार्थ की पुड़िया मिली है। रंजीत की मौके बाद परिजन व ग्रामीण एकत्रित होकर लक्ष्मीनगर बिजली घर पहुंचे। एसडीओ के खिलाफ नारेबाजी की। सूचना पर थाना जमुनापार पुलिस मौके पर पहुंची और परिजन को समझाकर शांत किया। सचिन द्विवेदी, एसडीओ, लक्ष्मीनगर ने कहा आत्महत्या के पीछे रंजीत का निजी पारिवारिक मामला है। उसे मई 2023 में विद्युत निगम से हटा दिया गया था।
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