हिदुस्तान 24 टीवी न्यूज चीफ विजय सिंघल
मथुरा कृष्ण जन्मभूमि और शाही ईदगाह के मामले में हर दिन नए मोड़ सामने आ रहे है। हिन्दू पक्ष लगातार ईदगाह के सर्वे की मांग तो कर ही रहा है साथ ही न्यायालय में यह भी दावा कर रहा है कि स्थानीय प्रशासन के रिकॉर्ड में ईदगाह की भूमि मंदिर पक्ष की है. इसकी सुनवाई लगातार न्यायालय में चल रही है। वहीं, 2 फरवरी को मथुरा जिला अदालत में इस मामले की सुनवाई में श्री कृष्ण जन्मभूमि मुक्ति निर्माण ट्रस्ट के अध्यक्ष आशुतोष पांडेय द्वारा जमीन के कागजातों के साथ बहस की गई। इसके अलावा उनके द्वारा ईदगाह द्वारा बिजली चोरी करने का मुकदमा दर्ज करने की भी मांग की गई हैश्री कृष्ण जन्मभूमि मुक्ति निर्माण ट्रस्ट के अध्यक्ष और मुख्यवादी आशुतोष पांडेय ने बताया कि इस सुनवाई के दौरान उन्होंने न्यायालय में उन सभी दस्तावेजो को प्रस्तुत किए हैं, जिनसे यह साबित होता है कि ईदगाह की भूमि पर कागजों में मालिकाना हक श्री कृष्ण कृष्ण जमनभूमि मंदिर का है। इसके अलावा शाही ईदगाह की तरफ से अवैध रूप से बिजली का कनेक्शन भी इस्तेमाल किया जा रहा था। इसकी वजह से सरकार को राजस्व की हानि भी हो रही थी. यह कनेक्शन हाल फिलहाल का नहीं बल्कि पिछले 49 वर्षों से लगातार चला आ रहा था। याचिकाकर्ता आशुतोष द्वारा फरवरी 2023 में स्थानीय पुलिस और विद्युत विभाग से शिकायत की गई थी। इसके बाद मस्जिद का बिजली का कनेक्शन भी काट दिया गया। क्योंकि, उसी कनेक्शन के माध्यम से कई मेगावाट बिजली का इस्तेमाल वजूखाने में गरम पानी करना, बड़े बड़े हीटर चलाने जैसे काम किये जा रहे थे। इसके बाद मामले को 24 अगस्त 2023 में मुद्दे के साथ मस्जिद की जमीन के फर्जी रजिस्ट्रेशन को लेकर याचिका को न्यायालय के सामने भी रखा गया। इसमें न्यायालय से मांग की गई है शाही ईदगाह पर जल्द बिजली चोरी का मुकदमा भी दर्ज करवाया जाए। 49 वर्षों चल रहे अवैध कनेक्शन से सरकार को जो हानि हुई है उसकी ऐवज में 1.5 करोड़ रुपये का जुर्माना भी वसूला जाए। इस फर्जी कागजों के जरिये मस्जिद को अलग संपत्ति बताया जा रहा है, उस पर भी विचार करें। क्योंकि स्थानीय प्रशासन के सभी रिकॉर्ड्स में जमीन कृष्ण जन्मभूमि मंदिर की है। इसके साथ ही याचिकाकर्ता आशुतोष पांडे ने अपनी याचिका में शाही ईदगाह के रजिस्ट्रेशन को फर्जी बताया है। साथ ही अपनी अर्जी में धारा 420, 467,468 सहित अन्य धाराओं में न्यायालय से मुकदमा दर्ज करने की मांग है। न्यायालय ने दोनो पक्षों को सुनवाई करने के बाद आदेश सुरक्षित रख लिया है. और जल्द ही जमीन के मालिकाना हक और अवैध बिजली कनेक्शन के ऊपर मथुरा कोर्ट का फैसला आयेगा।
