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बरसाना की गोपियों के वैलेंटाइन श्रीकृष्ण

ByVijay Singhal

Feb 7, 2024
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हिदुस्तान 24 टीवी न्यूज चीफ विजय सिंघल
मथुरा। बरसाना में प्रेम के पाश्चात्य पर्व वैलेंटाइन डे को भले ही युवा पीढ़ी अपने अंदाज में मनाती हों, लेकिन भगवान श्रीकृष्ण के दीवाने ब्रजवासी इसे अनूठे तरीके से मनाते हैं। वृषभानु नंदिनी के निज धाम बरसाना के मान मंदिर में रहने वाली दर्जनों गोपियां आज भी राधा के प्रियतम कान्हा को अपना प्रेमी मानती हैं। श्रीकृष्ण के प्यार में इन्होंने अपना घर-बार भी छोड़ दिया है और आराध्य को पाने के लिए हर रोज रास रचाती हैं। मान मंदिर में रह रहीं गोपियां कहती हैं कि उनके असली वैलेंटाइन तो श्रीकृष्ण हैं, जो प्रेम और उसका अर्थ जानते हैं। मान मंदिर में कथा वाचक मुरलिका शर्मा बताती हैं कि जहां राधा कृष्ण को प्रसन्न करने की चेष्टा हो, उसी को प्रेम की संज्ञा दी गई है। श्रीकृष्ण प्रेम के सच्चे परम प्रकाशक हैं। कानपुर की ममतादासी का कहना है कि हमारा वैलेंटाइन डे हमारी युगल सरकार है। आजकल जो लोग सच्चे प्यार की बात करते हैं, जीने-मरने की कसमें खाते हैं, उन्हें स्वयं नहीं पता कि वो कब तक जीवित रहेंगे। वैलेंटाइन-डे का ये पर्व झूठ की बुनियाद पर टिका है। उदयपुर की रहने वाली मीरा दासी कहती हैं कि सांसारिक प्रेम में दुख सुख लाभ-हानि की परवाह रहती है। मगर, श्रीकृष्ण की चाहत रखने वाले सुख व लाभ के भागी ही रहते हैं। दुख की निवृति के लिए व सुख की प्राप्ति के लिए हरिनाम संकीर्तन ही एक मार्ग है। अयोध्या निवासी प्रियश्वरी ने बताया कि हमारा वेलेंटाइन डे सर्वप्रथम आध्यात्मिक गुरु, माता-पिता व श्रीकृष्ण हैं। की रमा दासी ने बताया कि हर कोई प्रेम के वशीभूत रहता है। असली प्रेम प्रभु की सेवा से ही मिलता है।

विदेशी गोपियां भी हैं श्रीकृष्ण पर मोहित

वृंदावन के इस्कॉन मंदिर व अन्य स्थलों पर सैकड़ों विदेशी गोपियां श्रीकृष्ण की प्रेम भक्ति में डूबकर यहीं रहती हैं। उन्होंने अपना सब कुछ श्रीकृष्ण को ही मान लिया है। अपने देश को छोड़कर श्रीनाथ के चरणों में रहकर प्रेम भक्ति के जरिये आराध्य को पाने की ललक उनके मन में रहती हैं।

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Vijay Singhal
Author: Vijay Singhal

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