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व्रन्दावन में मीराबाई मंदिर में हुआ कार्यक्रम, भजनों में जमकर झूमे भक्त, भक्तों ने यमुना में किया दीपदान

ByVijay Singhal

Nov 8, 2022
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हिदुस्तान 24 टीवी न्यूज चीफ विजय सिंघल
मथुरा के वृंदावन में गोविंद बाग स्थित 500 वर्ष प्राचीन मीराबाई मन्दिर में तन्मय श्री चरणों में भजन संकीर्तन संध्या का आयोजन किया गया। भजन संकीर्तन संध्या महारसोत्सव जयपुर से पधारे बाल भजन गायक तन्मय अग्निहोत्री द्वारा मधुर भजनों, संकीर्तन द्वारा सम्पन्न हुआ।
भजन संकीर्तन महारसोत्सव में मन्दिर के सेवायत प्रद्युम्न प्रताप सिंह महाराज ने बाल भजन गायक तन्मय अग्निहोत्री सहित सभी भक्तों को आशीर्वचन व पटुका ओढ़ाकर आशीर्वाद प्रदान किया। महोत्सव के मुख्य अतिथि समाजसेवी अभिलाष श्रीवास्तव ने हिस्सा लिया। उन्होंने कहा कि अपने जीवन सफल बनाने के लिए कुछ समय हमें भगवत भक्ति एवं सेवा में लगाना चाहिए। संस्था के संरक्षक वाचस्पति अग्निहोत्री, भजन लेखक श्री योगेश वर्मा स्वप्न का भी सम्मान किया गया। भजन संकीर्तन संध्या में तन्मय अग्निहोत्री के साथ ढोलक पर भूपेंद्र, सहगायक के रूप में दिशांत, राजकुमार व नेहा ने संगत दी। कार्तिक मास के पावन पर्व पर योगीशा तीर्थ के तत्वावधान में कार्ष्णि नागेंद्र महाराज के सानिध्य में विश्व कल्याण की कामना के साथ चल रहे
श्री लक्ष्मीनारायण महायज्ञ में देश विदेश से आए भक्त वेदमंत्रोच्चारण के मध्य आहुति दे रहे हैं। वहीं यमुना में दीपदान कर पुण्य लाभ अर्जित कर रहे हैं। कार्ष्णि नागेंद्र महाराज ने बताया कि कार्तिक मास में दीपदान का विशेष महत्व है। ज्योतिष शास्त्र की दृष्टि एवं शास्त्रीय दृष्टि से कार्तिक मास में सूर्य तुला राशि में पहुंच जाते हैं जो कि नीच माना जाता है और शास्त्रों में ऐसा भी वर्णन आया है कि सूर्य ग्रह का पृथ्वी से सीधा संपर्क करें तो पृथ्वी पर रहने वाले जलचर जीवों पर किसी भी प्रकार का गलत प्रभाव न पड़े। इस प्रकार से पृथ्वी का बैलेंस बनाने के लिए दीपदान किया जाता है। दीपदान करने का एक दृष्टिकोण यह भी है। कृष्ण जन्मभूमि पक्षकार एडवोकेट महेंद्रप्रताप सिंह ने कहा कि सनातन संस्कृति का प्रचार प्रसार आश्रम और मठों से धर्म आचार्यों के द्वारा ही होता है। इस अवसर पर स्वामी कृष्णानंद, श्यामसुंदर बृजवासी, हरिहर मुद्गल, वेदव्यास आचार्य, अरविंद कृष्णम, गोविंद खंडेलवाल, श्रद्धा खंडेलवाल, मीनाक्षी गौड़ आदि उपस्थित थे।

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Author: Vijay Singhal

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