हिदुस्तान 24 टीवी न्यूज चीफ विजय सिंघल
मथुरा। सरकारी मशीनरी के तमाम प्रयासों के बाद भी जिले में आयुष्मान कार्ड बनाने का लक्ष्य पूरा नहीं हो रहा है। जिलाधिकारी और मुख्य विकास अधिकारी (सीडीओ) ने स्वास्थ्य विभाग के साथ राशन डीलरों को आयुष्मान कार्ड बनाने की जिम्मेदारी सौंपी, लेकिन राशन डीलर आयुष्मान कार्ड बनाने में दिलचस्पी नहीं ले रहे हैं। इसकी वजह 2.57 लाख पात्र लोग अब भी कार्ड से वंचित हैं।
स्वास्थ्य विभाग 7.24 लाख के लक्ष्य के सापेक्ष 4.67 लाख लाभार्थियों के ही आयुष्मान कार्ड बना पाया है। ऐसे में 2.57 लाख लाभार्थी अब भी कार्ड से वंचित हैं। इस वजह से उन्हें चिकित्सा सुविधाओं का लाभ नहीं मिल पा रहा है। लाभार्थियों के कार्ड बनाने के लिए स्वास्थ्य विभाग ने राशन डीलरों को जिम्मेदारी सौंपी, लेकिन राशन डीलर इस कार्य में दिलचस्पी नहीं ले रहे हैं। इसके लिए आयुष्मान के नोडल अधिकारी कई बार जिला पूर्ति अधिकारी को पत्र लिख चुके हैं। नोडल अधिकारी अब इसकी शिकायत जिलाधिकारी और सीडीओ से करने के लिए पत्र तैयार करा रहे हैं। ताकि इनके माध्यम से जिला पूर्ति अधिकारी को आदेशित किया जाए और राशन डीलर आयुष्मान कार्ड बनाने में दिलचस्पी लें। क्या है आयुष्मान भारत योजना गरीबों को निजी व सरकारी अस्पतालों में पांच लाख तक के निशुल्क उपचार दिलाने के लिए केंद्र सरकार ने राष्ट्रीय स्वास्थ्य संरक्षण मिशन के तहत आयुष्मान योजना शुरू की है। इसके साथ ही सरकार अस्पताल में भर्ती होने के बाद भी अगले 15 दिन तक होने वाले सभी खर्च को उठाती है। इसमें परिवार को सभी सदस्यों को उनकी उम्र और संख्या पर ध्यान न देते हुए चिकित्सा सेवा का लाभ मिलता है। यह योजना पूरी तरह से कैशलेस है। अनुज यादव, जिला नोडल अधिकारी ने
कहा स्वास्थ्य विभाग के साथ राशन डीलरों को भी आयुष्मान कार्ड बनाने की जिम्मेदारी सौंपी गई है, लेकिन राशन डीलर कार्ड बनाने में रुचि नहीं ले रहे हैं। इसके लिए कई बार जिला पूर्ति अधिकारी को पत्र लिखा जा चुका है।
7455095736
Author: Vijay Singhal
33% LikesVS
67% Dislikes
