हिदुस्तान 24 टीवी न्यूज चीफ विजय सिंघल
मथुरा। टाउनशिप के समीप गांव नरहौली में पिछले दो माह से पेयजल किल्लत का सामान कर रहीं महिलाओं का बृहस्पतिवार को गुस्सा फूट गया। सुबह करीब 11 बजे बड़ी संख्या में महिलाएं इकट्ठा होकर प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी करने लगी। इसी बीच कुछ महिलाएं पास ही स्थित पानी की टंकी पर चढ़ गईं और समस्या का समाधान होने पर ही टंकी से उतरने की घोषणा की। यह देखकर मौके पर बड़ी संख्या में लोग एकत्र हो गए। सूचना मिलते ही सहायक नगर आयुक्त सहित प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे। उन्होंने समस्या के समाधान का आश्वासन दिया और करीब डेढ़ घंटे बाद महिलाओं को टंकी से नीचे उतार पाए।
प्रदर्शन कर रहीं महिलाओं ने बताया कि गांव में पिछले दो माह से पेयजल समस्या है। इस संबंध में शिकायत के बावजूद कोई संज्ञान नहीं ले रहा है। ऐसे में प्रशासन को जगाने के लिए वे प्रदर्शन करने को मजूबर हुईं हैं। 30-40 महिलाएं गांव में ही स्थित पानी की टंकी के पास पहुंंचकर नारेबाजी करने लगीं। कई महिलाओं के हाथ में बर्तन भी थे, जिन्हें बजाने के साथ ही नारेबाजी कर रहीं थीं। शोर सुनकर आसपास के लोग भी मौके पर इक्टठा हो गए। इसी दौरान कुछ महिलाएं टंकी पर चढ़ गईं और अन्य नीचे ही नारेबाजी करतीं रहीं। महिलाओं के टंकी पर चढ़ने की जानकारी मिलते ही करीब 12 बजे सहायक नगर आयुक्त राकेश त्यागी और एक्सईएन (जलकल) रामकैलाश, नायब तहसीलदार अनमोल गर्ग मय महिला पुलिस मौके पर पहुंच गए। उन्होंने महिलाओं से बातचीत की। उनकी समस्या को समझा और समाधान का आश्वासन दिया। प्रदर्शनकारियों में शामिल मीना ठाकुर, अनीता, शीला, मुन्नीदेवी आदि ने बताया कि पिछले दो माह से पानी की आपूर्ति नहीं हो रही है। करीब 4 हजार से अधिक आबादी टैंकरों के जरिए पानी मंगवा रही हैं। इसकी शिकायत कई बार नगर निगम अधिकारियों के साथ ही क्षेत्रीय पार्षद से भी की है। उन्होंने आरोप लगाया कि नलकूपों के संचालन में पार्षद द्वारा मनमानी की जाती है। उनकी कोई सुनवाई नहीं हो रही है। सहायक नगर आयुक्त ने महिलाओं को आश्वासन दिया कि अब ऐसा नहीं होगा। फिलहाल टैंकरों से जलापूर्ति कराई जाएगी। खराब पंप शाम तक सही करवाकर सीधे जलापूर्ति शुरू कराई जाएगी। इसके बाद टंकी की उपयोगिता की जांच कराएंगे। इसके बाद प्रदर्शन कर रहीं महिलाएं घर लौट गईं।
प्रदर्शन कर रहीं महिलाओं ने बताया कि गांव में पिछले दो माह से पेयजल समस्या है। इस संबंध में शिकायत के बावजूद कोई संज्ञान नहीं ले रहा है। ऐसे में प्रशासन को जगाने के लिए वे प्रदर्शन करने को मजूबर हुईं हैं। 30-40 महिलाएं गांव में ही स्थित पानी की टंकी के पास पहुंंचकर नारेबाजी करने लगीं। कई महिलाओं के हाथ में बर्तन भी थे, जिन्हें बजाने के साथ ही नारेबाजी कर रहीं थीं। शोर सुनकर आसपास के लोग भी मौके पर इक्टठा हो गए। इसी दौरान कुछ महिलाएं टंकी पर चढ़ गईं और अन्य नीचे ही नारेबाजी करतीं रहीं। महिलाओं के टंकी पर चढ़ने की जानकारी मिलते ही करीब 12 बजे सहायक नगर आयुक्त राकेश त्यागी और एक्सईएन (जलकल) रामकैलाश, नायब तहसीलदार अनमोल गर्ग मय महिला पुलिस मौके पर पहुंच गए। उन्होंने महिलाओं से बातचीत की। उनकी समस्या को समझा और समाधान का आश्वासन दिया। प्रदर्शनकारियों में शामिल मीना ठाकुर, अनीता, शीला, मुन्नीदेवी आदि ने बताया कि पिछले दो माह से पानी की आपूर्ति नहीं हो रही है। करीब 4 हजार से अधिक आबादी टैंकरों के जरिए पानी मंगवा रही हैं। इसकी शिकायत कई बार नगर निगम अधिकारियों के साथ ही क्षेत्रीय पार्षद से भी की है। उन्होंने आरोप लगाया कि नलकूपों के संचालन में पार्षद द्वारा मनमानी की जाती है। उनकी कोई सुनवाई नहीं हो रही है। सहायक नगर आयुक्त ने महिलाओं को आश्वासन दिया कि अब ऐसा नहीं होगा। फिलहाल टैंकरों से जलापूर्ति कराई जाएगी। खराब पंप शाम तक सही करवाकर सीधे जलापूर्ति शुरू कराई जाएगी। इसके बाद टंकी की उपयोगिता की जांच कराएंगे। इसके बाद प्रदर्शन कर रहीं महिलाएं घर लौट गईं।
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Author: Vijay Singhal
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