हिदुस्तान 24 टीवी न्यूज चीफ विजय सिंघल
मथुरा। वृंदावन में ड्राइविंग लाइसेंस और वाहनों के फिटनेस सर्टिफिकेट बनाने का कार्य निजी एवं सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनियां करेंंगी। इसके लिए मारुति, टाटा समेत कई बड़ी कंपनियों ने आवेदन दिए हैं। नए वित्तीय वर्ष में ये कंपनियां कार्य संभाल सकती हैं।
शासन की मंशा के अनुरूप ड्राइविंग लाइसेंस सेंटर और फिटनेस सर्टिफिकेट के लिए मैकेनिकल इंजीनियरिंग क्षेत्र की कंपनियों से आवेदन मांगे गए थे। फिटनेस सेंटर के लिए मारुति, अशोक लिलेंड, टाटा सहित 9 कंपनियों ने आवेदन किए, जबकि ड्राइविंग लाइसेंस सेंटर के लिए मारुति समेत 4 कंपनियों ने आवेदन किए हैं। लखनऊ स्तर पर निजी एवं सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनियों से एमओयू साइन किया जाएगा। विभागीय सूत्रों के अनुसार नए वित्त वर्ष की शुरुआत में कंपनियों द्वारा कार्य शुरू कर दिया जाएगा। मारुति सहित अन्य कंपनियां ड्राइविंग लाइसेंस देने से पहले पात्र आवेदक को ट्रेनिंग देगी। इसके बाद ही टेस्ट लेंगी। अत्याधुनिक मशीनों के जरिए टेस्ट में पास होने पर ही ड्राइविंग लाइसेंस जारी करेगी। इसी प्रकार फिटनेस सेंटर में भी पॉल्यूशन, टायर, तकनीकि क्षमता का टेस्ट किया जाएगा। सभी मानकों को पूरा करने के बाद ही फिटनेस सर्टिफिकेट दिया जाएगा।
बताया जा रहा है कि निजी और सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनियोंं के पास यह कार्य जाने से पारदर्शिता आएगी और पात्र लोगों को ही सर्टिफिकेट मिलेंगे। इसके अलावा लोगों को ड्राइविंग लाइसेंस और वाहनों की फिटनेस के लिए परिवहन कार्यालयों के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे। आरआई नरेश कुमार ने बताया कि निजी एवं सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनियों द्वारा आवेदन किए गए हैं। नए वित्तीय वर्ष में फिटनेस और ड्राइविंग लाइसेंस सेंटर का कार्य इनके द्वारा किया जा सकता है।
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Author: Vijay Singhal
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