हिदुस्तान 24 टीवी न्यूज चीफ विजय सिंघल
मथुरा। गोवर्धन की परिक्रमा मार्ग आन्योर स्थित श्रीजी की हवेली में चल रही श्रीमद् भागवत कथा में रविवार को व्यास पीठ से भागवताचार्य रमाकांत गोस्वामी ने संगीतमय कंस वध रुक्मणी विवाह सुदामा चरित्र आदि प्रसंग का वर्णन किया तो भक्त भाव विभोर हो गए। व्यास पीठ से रमाकांत गोस्वामी ने कहा की श्रीमद् भागवत कथा कोई साधारण कथा नहीं है इसके श्रवण करने से मनुष्य भय के सारे बंधनों से दूर हो जाता है। ब्रज में कथा श्रवण करने का अत्यधिक फल प्राप्त होता है। नवरत्न ही नवधा भक्ति है। ठाकुर जी के श्री चरण स्पर्श होते ही विषय दूर हो जाते हैं। भक्ति आ जाती है। गिरिराज जी की परिक्रमा व एक रात्रि निवास से अन्य तीर्थ की अपेक्षा ज्यादा पुण्य मिलता है। यहां अश्वमेध यज्ञ करने का फल प्राप्त होता है। गिरिराज जी साक्षात देवता हैं। रमाकांत गोस्वामी ने आगे कहा कि बिना आसन के भजन नहीं करना चाहिए तथा रात्रि में जलाशयों में स्नान नहीं करना चाहिए। गोपियों जैसा निष्काम प्रेम करना चाहिए। भगवान भक्त के प्रेम में सारे नियम भूल जाते हैं। भगवान को प्रेम प्रिय है। भगवान ने ब्रज में 6 माह महारास किया। राज से रस मिलता है। केसरिया हिंदू वाहिनी के ब्रज क्षेत्र क्षेत्र मीडिया प्रभारी पंडित उत्तम शर्मा ने व्यासपीठ का पूजन अर्चन किया। कथा के आयोजक मूंदड़ा परिवार उदयपुर है।
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Author: Vijay Singhal
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