हिदुस्तान 24 टीवी न्यूज चीफ विजय सिंघल
मथुरा। बरसाना में साइबर ठगी के अपराध में झारखंड के जामताड़ा के ठगों को पछाड़ चुके हाथिया गांव से देशभर में चावल-चीनी और स्क्रैप के नाम पर ऑनलाइन सौदेबाजी कर ठगी का खेल चल रहा था। पुलिस ने इसका पर्दाफाश करते हुए दो ठगों को गिरफ्तार किया है। इनसे मोबाइल, फर्जी सिम सहित अन्य उपकरण व दस्तावेज बरामद हुए हैं। एसपी देहात त्रिगुण बिसेन ने बताया कि वसीम पुत्र सुब्बा निवासी हाथिया, बरसाना और सैकम पुत्र असरून निवासी नसवारी, गोविंदगढ़, अलवर, राजस्थान को गिरफ्तार कर इनसे चोरी के चार फोन, 10 फर्जी आईडी पर ली गईं सिम, छह फर्जी आधार कार्ड, नटराज कंपनी के फर्जी कर्मचारियों के दो आईडी कार्ड, एफसीआई के फर्जी कर्मचारियों के 2 आईडी कार्ड और पेंशन विभाग के 2 फर्जी आईडी कार्ड बरामद हुए हैं। दोनों ने पूछताछ में स्वीकारा कि फर्जी आईडी पर सिम जारी कराते हैं। पहले साइबर ठगी, फिर करते हैं अपहरण
एसपी देहात ने बताया कि दोनों अपराधी बेहद शातिर हैं। उन्होंने बताया कि गूगल से चावल, चीनी व स्क्रैप के सप्लायरों का नंबर प्राप्त कर उनसे संपर्क करते हैं। सस्ते दामों में चीनी, चावल व स्क्रैप बेचने का लालच देकर फंसाने के बाद अपनी फर्जी फर्म के कागजात एवं फर्जी आई कार्ड व्हाट्सएप के माध्यम से भेजते हैं। इसके बाद सौदा तय कर एडवांस के रूप में किसी से एक लाख तो किसी से 50 हजार रुपये खातों में डलवा लेते हैं। इसके बाद सप्लायरों को फर्जी गोदाम/फैक्ट्री के निरीक्षण को बुलाते हैं। बाहर से आने वाले व्यक्तियों को एयरपोर्ट/रेलवे स्टेशन से रिसीव कर उन्हें हरियाणा के नूंह में बंधक बनाकर फिरौती वसूलते हैं। साइबर ठगों ने पुलिस को बताया कि वह लोगों को विश्वास दिलाने के लिए फर्जी सरकारी आईडी कार्ड व्हाट्सएप के माध्यम से भेजते हैं, जिससे लोग झांसे में आकर ऑनलाइन एडवांस पेमेंट कर देते हैं। इसी क्रम में इंस्टाग्राम व अन्य सोशल मीडिया प्लेटफार्म पर नटराज पेंसिल घर पर बैठकर पैक करने की नौकरी का झांसा देकर प्रचार प्रसार किया जाता है, जिसमें महिला/पुरुष फंस जाते हैं और संपर्क करते हैं। इसके बाद उन लोगों से उनके आधार कार्ड व 500 रुपये बतौर पंजीकरण और बाद में छह हजार रुपये डिलीवरी चार्ज के नाम पर लेकर साइबर ठगी करते हैं। साथ ही लोगों से व्हाटसएप पर प्राप्त आधार कार्ड में अपना फोटो बदल कर नकली आधार कार्ड बना लेते हैं, जिसका इस्तेमाल फर्जी सिम कार्ड लेने व झांसे में आए लोगों को अपनी असली पहचान छिपाने के लिए भेज देते हैं। आरोपियों को गिरफ्तार करने वाली टीम में इंस्पेक्टर अरुण कुमार बालियान, एसआई अरविंद पुनिया, रोहित तेवतिया, हेड कांस्टेबल विनोद कुमार, सौरभ, शिवम शामिल रहे।
एसपी देहात ने बताया कि दोनों अपराधी बेहद शातिर हैं। उन्होंने बताया कि गूगल से चावल, चीनी व स्क्रैप के सप्लायरों का नंबर प्राप्त कर उनसे संपर्क करते हैं। सस्ते दामों में चीनी, चावल व स्क्रैप बेचने का लालच देकर फंसाने के बाद अपनी फर्जी फर्म के कागजात एवं फर्जी आई कार्ड व्हाट्सएप के माध्यम से भेजते हैं। इसके बाद सौदा तय कर एडवांस के रूप में किसी से एक लाख तो किसी से 50 हजार रुपये खातों में डलवा लेते हैं। इसके बाद सप्लायरों को फर्जी गोदाम/फैक्ट्री के निरीक्षण को बुलाते हैं। बाहर से आने वाले व्यक्तियों को एयरपोर्ट/रेलवे स्टेशन से रिसीव कर उन्हें हरियाणा के नूंह में बंधक बनाकर फिरौती वसूलते हैं। साइबर ठगों ने पुलिस को बताया कि वह लोगों को विश्वास दिलाने के लिए फर्जी सरकारी आईडी कार्ड व्हाट्सएप के माध्यम से भेजते हैं, जिससे लोग झांसे में आकर ऑनलाइन एडवांस पेमेंट कर देते हैं। इसी क्रम में इंस्टाग्राम व अन्य सोशल मीडिया प्लेटफार्म पर नटराज पेंसिल घर पर बैठकर पैक करने की नौकरी का झांसा देकर प्रचार प्रसार किया जाता है, जिसमें महिला/पुरुष फंस जाते हैं और संपर्क करते हैं। इसके बाद उन लोगों से उनके आधार कार्ड व 500 रुपये बतौर पंजीकरण और बाद में छह हजार रुपये डिलीवरी चार्ज के नाम पर लेकर साइबर ठगी करते हैं। साथ ही लोगों से व्हाटसएप पर प्राप्त आधार कार्ड में अपना फोटो बदल कर नकली आधार कार्ड बना लेते हैं, जिसका इस्तेमाल फर्जी सिम कार्ड लेने व झांसे में आए लोगों को अपनी असली पहचान छिपाने के लिए भेज देते हैं। आरोपियों को गिरफ्तार करने वाली टीम में इंस्पेक्टर अरुण कुमार बालियान, एसआई अरविंद पुनिया, रोहित तेवतिया, हेड कांस्टेबल विनोद कुमार, सौरभ, शिवम शामिल रहे।
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Author: Vijay Singhal
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