हिदुस्तान 24 टीवी न्यूज चीफ विजय सिंघल
मथुरा। तीन साल बीतने के बाद भी समाज कल्याण विभाग में हुए 32 करोड़ रुपये छात्रवृत्ति एवं शुल्क प्रतिपूर्ति घोटाले की जांच पूरी नहीं हो पाई है। घोटाले की जांच में जुटी आर्थिक अपराध शाखा कानपुर की टीम कई बार समाज कल्याण विभाग से घोटाला संबंधी पत्रावली ले जा चुकी है। जांच पूरी न होने के पीछे घोटाले में शामिल लिपिकों द्वारा दूसरे जनपदों में स्थानांतरण होने के बाद भी चार्ज न देना बताया जा रहा है। वहीं, अभी भी समाज कल्याण विभाग में कुछ अलमारी ऐसी हैं, जिनमें घोटाले के आरोपी लिपिकों का ताला लगा है और चाबी उनके पास है। सोमवार को भी टीम ने शिक्षण संस्थानों के रिकाॅर्ड खंगाले और कर्मचारियों के बयान दर्ज किए। वर्ष 2021 में विधायक पूरन प्रकाश ने समाज कल्याण विभाग की मिलीभगत से निजी शिक्षण संस्थानों द्वारा छात्रवृत्ति और शुल्क प्रतिपूर्ति घोटाले का मामला विधानसभा में उठाया था। आनन-फानन मामले की जांच शुरू हुई।
जांच में प्रथम दृष्टया पांच लोग दोषी पाए गए, इनके खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई गई। मामले की जांच कानपुर स्थित आर्थिक अपराध शाखा को सौंपी गई। टीम के सदस्य कई बार यहां आकर कर्मचारियों के बयान और घोटाले से संबंधित पत्रावली खंगाल चुके हैं, लेकिन उनके सामने सबसे बड़ी समस्या यह है कि जो मुख्य आरोपी है वह अन्य जनपद में स्थानांतरण हो चुके हैं और उन्होंने अभी तक मथुरा में अपना चार्ज किसी को नहीं सौंपा है। उनके पटल की अलमारी पर लगे ताले की चाबी अभी भी उनके पास है। इन अलमारियों का ताला खुले तो कई राज उजागर हो सकते हैं और जांच भी पूरी होने की उम्मीद है। गत दिवस आर्थिक अपराध शाखा के निरीक्षक धनंजय सिंह के नेतृत्व में टीम समाज कल्याण विभाग पहुंची। यहां उन्होंने कर्मचारियों के बयान दर्ज किए, साथ ही पत्रावली खंगाली। इसके साथ ही घोटाले में आरोपी 72 आईटीआई शिक्षण संस्थानों में भी जाकर जांच पड़ताल की। इधर, टीम ने आरोपी लिपिक नवीन मल्होत्रा को बयान दर्ज कराने के लिए बुलाया। टीम के सदस्यों ने उसे मंगलवार को पत्रावली उपलब्ध कराने का समय दिया है। समाज कल्याण अधिकारी नगेंद्र पाल सिंह ने बताया कि नवीन के पास अभी तक यहां का चार्ज है। उसने चार्ज किसी को नहीं दिया है। वर्तमान में वह मुरादाबाद में तैनात है। जिले में चल रहे व्यावसायिक प्रशिक्षण संस्थान की जांच के लिए आर्थिक अपराध शाखा कानपुर की टीम के सदस्य सभी कॉलेजों में जाकर जांच कर रहे हैं। विधायक पूरन प्रकाश ने बताया कि 2020 में उन्होंने व्यावसायिक प्रशिक्षण संस्थान द्वारा छात्रवृत्ति एवं सरकारी धन के दुरुपयोग की शिकायत की थी। इस मामले में सदर थाने में 71 मुकदमे भी दर्ज हुए। इसी मामले को लेकर टीम जांच को आई है।
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Author: Vijay Singhal
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