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स्वच्छता ही सेवा, अभियान से कचरा मुक्त होगा भारत,,, जिलाधिकारी शैलेंद्र कुमार सिंह

ByVijay Singhal

Sep 18, 2023
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हिदुस्तान 24 टीवी न्यूज चीफ विजय सिंघल
मथुरा। 02 अक्टूबर के अवसर पर स्वच्छता के लिए जन आंदोलन के उत्सव के दृष्टिगत ‘‘स्वच्छ भारत दिवस के रूप में मनाया जाना है, जो महात्मा गाँधी को उनकी जयंती के दिन एक श्रद्धांजलि है। एसबीडी-2023 की प्रस्तावना के रूप में, वार्षिक स्वच्छता ही सेवा (एसएचएस) पखवाड़ा स्वच्छ भारत मिशन ग्रामीण और शहरी  द्वारा संयुक्त रूप से 15 सितंबर 02 अक्टूबर 2023 से आयोजित किया जा रहा है।
जिला पंचायत राज अधिकारी किरण चौधरी ने बताया कि स्वच्छता ही सेवा 2023 कचरा मुक्त भारत‘ पखवाड़ा मनाया जा रहा है ।
2- एसएचएस 2023 की थीम कचरा मुक्त भारत है, जिसका उद्देश्य दृष्यमान साफ-सफाई और सफाई मित्रों के कल्याण व समृद्धि से सम्बन्धित है, विगत वर्षों की तरह स्वच्छता गतिविधियों की भावना स्वैच्छिकता/श्रमदान से है। इस स्वच्छता पखवाड़े में विशेषकर ऐसे सार्वजनिक स्थानों पर जहां लोगों का आवागमन बहुतायत में होता है, जैसे- बस स्टैंड, रेलवे स्टेशन, पर्यटन स्थल, चिड़ियाघर, राष्ट्रीय उद्यान और अभयारण्य, ऐतिहासिक स्मारक, नदियों के किनारे, घाट, नालियां और नाले सआदि पर साफ-सफाई की गतिविधियां क्रियान्वित किया जाना है जिसके लिये समस्त जनपदों में निम्नवत् गतिविधियां संचालित की जानी है। उपरोक्त पैरा 2 में सूचीबद्ध सभी महत्वपूर्ण स्थानों पर विशेष सफाई अभियान चलाकर कचरा हटाया जाये। क्षेत्र में कूड़ेदान सार्वजनिक शौचालय, अपशिष्ट परिवहन वाहन, एमआरएफएस आदि जैसी सभी स्वच्छता संपत्तियों की मरम्मत, पेंटिंग, साफ-सफाई और ब्रांडिंग किया जाये। नदी तटों विशेषकर गंगा नदी के किनारे स्थित शहरी एवं ग्रामीण क्षेत्रों में साफ-सफाई कराने और कचरे (प्लास्टिक सहित) को हटाने के अभियान में सहायता प्रदान की जाये। पर्यावरण एवं वन विभाग अंतर्गत चिडियाघरों, राष्ट्रीय उद्यानों, वन्यजीव अभयारण्यों आदि संरक्षित क्षेत्रों में कूड़ा-कचरा की सफाई तथा प्लास्टिक/पॉलीथीन फैलाने से रोकने के लिए के नियमानुसार कार्यवाही करायी जाये। पर्यटन स्थलों, एएसआई द्वारा संरक्षित स्मारकों की सफाई अभियान के साथ-साथ एकल उपयोग वाली प्लास्टिक (सिंगल यूज्ड प्लास्टिक) वस्तुओं के उपयोग को हतोत्साहित करने के लिए आईईसी गतिविधियां की जाये, जैसे-सूखे और गीले कचरे के पृथक-पृथक पात्र के लिये हरा गीला सूखा नीला अभियान चलाया जाये। छावनी परिषद क्षेत्रों में आईईसी अभियानों के साथ स्वच्छता अभियान सिंगल यूज्ड प्लास्टिक के विकल्पों को प्रोत्साहित किया जाये।स्कूलों में स्वच्छता अभियान और जागरूकता गतिविधियाँ संचालित की जाये, जिससे स्रोत पर अपशिष्ट पृथक्करण, अपशिष्ट से धन, सिंगल यूज्ड प्लास्टिक के विकल्पों के महत्व को बच्चे समझ सकेंगे जहां संभव हो स्कूलों/कॉलेजों में स्वच्छता क्लब बनाए जा सकते हैं।
 हर पटरी साफ-सुथरी अभियान के तहत रेल विभाग की सभी परिसंपत्तियों की सफाई रेलवे जिसमें रेलवे ट्रैक, रेलवे स्टेशन, कॉलोनियां, अस्पताल आदि को सम्मिलित किया जाये।
 देश/राज्य की स्वच्छता सम्बन्धी उपलब्धियों/यात्रा को प्रदर्शित करने के लिये विशेष कार्यक्रम, सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किये जाये।
3- स्वच्छता अभियान स्वैच्छिक होना चाहिए और इसे नेहरू युवा केंद्र के स्वयंसेवकों, एनसीसी कैडेटों एनएसएस, स्वच्छता प्रहरियों, स्वयं सहायता समूहों, स्वच्छाग्रहियों, आर0डब्लू0ए0 एवं व्यापारी संगठनों आदि को सम्मिलित कर चलाया जाये।
4- एसएचएस 2023 पखवाड़े के दौरान श्रमदान का प्रभावी अभिलेखीकरण किया जायेगी तथा उच्च स्तर की रिजॉल्यूलेशन वाली फोटोग्राफी और वीडियोग्राफी भी कराई जायेगी जिसमें ऑन-ग्राउंड गतिविधियों की चित्रों को संकलित किया जायेगा तथा एसएचएस-2023 पोर्टल पर अपलोड किया जाएगा।
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Vijay Singhal
Author: Vijay Singhal

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