हिदुस्तान 24 टीवी न्यूज चीफ विजय सिंघल
मथुरा। राधापुरम स्टेट में महिला फिजियोथेरेपिस्ट की नृशंस हत्या करने वाले अभियुक्त को अदालत ने आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। अभियुक्त ने दिन दहाडे़ घर में घुसकर वारदात की थी। वारदात के खुलासे के बाद से ही वह जेल में बंद था। 13 जुलाई 2018 को राधापुरम स्टेट निवासी डॉ. संजीव कुमार की पत्नी फिजियोथेरेपिस्ट डॉ. खुशबू अग्रवाल की गला काटकर हत्या कर दी थी। हत्या की वारदात से पहले शाम छह बजे चिकित्सक ने फोन पर पत्नी से बात की। शाम सात बजे हत्या की जानकारी पड़ोसी महिला नीरू मित्तल ने चिकित्सक को दी। थाना हाइवे पुलिस ने वारदात स्थल पर मिले साक्ष्य, सीसीटीवी फुटेज और सर्विलांस के आधार पर मगोर्रा के गांव नगला टोंटा निवासी रविंद्र को हत्या की वारदात के लिए दोषी माना। पुलिस ने अदालत में लगाई चार्ज शीट में माना कि रविंद्र लूट के इरादे से राधापुरम स्टेट में घुसा और चिकित्सक के घर का दरवाजा खुला होने पर घुस गया। डॉ. खुशबू अग्रवाल ने जब लूट का विरोध किया तो
चिकित्सक की हत्या कर दी। केस की सुनवाई अपर सत्र न्यायाधीश त्वरित न्यायालय संख्या-२ नीरू शर्मा ने करते हुए अभियुक्त को हत्या का दोषी करार देते हुए आजीवन कारावास तथा दस हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई। एडीजीसी सुभाष चतुर्वेदी ने बताया कि अभियुक्त को अदालत के निर्णय के बाद जेल भेज दिया गया है।
13 वर्षीय पुत्री थी चश्मदीद गवाह

बहुचर्चित वारदात में मृतका की 13 वर्षीय पुत्री शानवी गवाह बनी। जिस समय चिकित्सक की हत्या हुई उस समय शानवी घर के बाहर खेल रही थी। जैसे ही वह घर में घुसी मां लहूलुहान हालत में थी, उसी समय घर के बाहर निकल रहे हत्यारोपी की तरफ मां ने इशारा कर बताया कि उसी ने हत्या की है। एडीजीसी सुभाष चतुर्वेदी ने बताया कि शानवी के अलावा अदालत में 8 अन्य की भी गवाही कराई।
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Author: Vijay Singhal
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