हिदुस्तान 24 टीवी न्यूज चीफ विजय सिंघल
मथुरा। शेरगढ़ थाना क्षेत्र के सैनवा में 29 अप्रैल 2020 को हुई दहेज हत्या के मामले में बृहस्पतिवार को एडीजे चतुर्थ डाॅ. पल्लवी अग्रवाल ने दोषी पति और ससुर को 10-10 वर्ष के कारावास और 10-10 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई है। मुकदमे की सुनवाई के दौरान ही दोनों पक्षों में राजीनामा हो गया था। अदालत ने मामले की गंभीरता को ध्यान में रखते हुए अपना निर्णय सुनाया है। सहायक शासकीय अधिवक्ता हेमेंद्र कुमार भारद्वाज ने बताया कि रमेश निवासी ग्राम सिकंदरपुर नौहझील ने बेटी कशमीरा का विवाह 18 फरवरी 2018 को ग्राम सैनवा शेरगढ़ निवासी बाॅबी निवेश उर्फ बबलू पुत्र किशन सिंह निवासी सैनवा थाना शेरगढ़ के साथ किया था। शादी के बाद से ही ससुराल वाले कशमीरा दहेज के तौर पर एक लाख रुपये की मांग करने लगे। इस दौरान कशमीरा ने एक बेटे को भी जन्म दिया। इसके बाद भी ससुराल वालों की दहेज की मांग खत्म नहीं हुई। 29 अप्रैल 2020 को रमेश को फोन के माध्यम से सूचना मिली की उनकी पुत्री की ससुराल वालों ने हत्या कर दी है। रमेश जब बेटी के ससुराल पहुंचे तो उसका शव बेड पर पड़ा था। रमेश ने दहेज हत्या की रिपोर्ट पति बाॅबी निवेश उर्फ बबलू व ससुर किशन सिंह पुत्र नत्थीलाल के खिलाफ दर्ज कराई थी। इस मामले की विवेचना सीओ छाता द्वारा की गई। विवेचक ने आरोप पत्र न्यायालय में प्रेषित किया। इस मामले की सुनवाई एडीजे चतुर्थ डाॅ. पल्लवी अग्रवाल की अदालत में हुई। एडीजीसी हेमेंद्र भारद्वाज ने बताया कि मुकदमे की सुनवाई के दौरान दोनों पक्षों के बीच राजीनामा हो गया था। अदालत ने मामले की गंभीरता को ध्यान में रखते हुए चिकित्सक के बयान और पोस्टमार्टम रिपोर्ट को आधार मानते हुए अपना निर्णय सुनाया। सुनवाई के दौरान कुल 9 गवाह अदालत में पेश हुए थे।
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Author: Vijay Singhal
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