हिदुस्तान 24 टीवी न्यूज चीफ विजय सिंघल
मथुरा। राधा माधव मंदिर के निर्माण के लिए करीब 150 साल पहले मथुरा से वृंदावन के बीच बिछाई गई मीटरगेज रेल लाइन एक माह बाद इतिहास बन जाएगी। रेलवे के कर्मचारियों ने 12 किलोमीटर लंबी रेल लाइन के सभी लॉक तोड़ दिए हैं और एक सप्ताह बाद से इसे उखाड़ना शुरू कर दिया जाएगा। इस मीटरगेज लाइन को ब्रॉडगेज में बदलने के लिए काम किया जा रहा है। ब्रॉडगेज का काम फिलहाल अवैध रूप से बसी नई बस्ती के कारण रुका हुआ है। 402 करोड़ के इस पूरे प्रोजेक्ट में मथुरा से वृंदावन तक 8 से 10 तक अंडरपास दिए जाने है। मथुरा से वृंदावन तक ब्रॉडगेज के लिए रेलवे ने विस्तृत योजना तैयार की है। इसी योजना के तहत मथुरा से वृंदावन के बीच मीटरगेज रेल लाइन को उखाड़ा जा रहा है। करीब 200 मजदूरों ने रेल लाइन का लॉक सिस्टम तोड़ दिए हैं। रेलवे ने एक रणनीति के तहत रेल लाइन को हटाने के काम एक सप्ताह के लिए रोक दिया गया। इसके बाद रेललाइन को उखाड़ने का काम शुरू किया जाएगा। बाद में इसी स्थान पर मिट्टी डाली जाएगी ताकि ब्रॉडगेज का आधार तैयार हो सके। डीआरएम कार्यालय की पीआरओ प्रशस्ति श्रीवास्तव ने बताया कि एक सप्ताह बाद इस मीटरगेज लाइन को उखाड़ कर हटाने का काम शुरू हो जाएगा। इसके बाद ब्रॉडगेज का काम तेज गति से आगे बढ़ेगा। राधा माधव मंदिर के निर्माण को बिछाई थी मीटरगेज लाइन मथुरा वृंदावन के बीच रेल ट्रैक करीब डेढ़ सौ वर्ष पुराना है। मीटरगेज पर पहले भाप की ट्रेन और उसके बाद डीजल से चलने वाली 6 डिब्बों की ट्रेन चलती थी, लेकिन इस ट्रैक पर 1998 में 6 डिब्बों की ट्रेन को हटा दिया गया। इतिहासकारों के अनुसार जयपुर घराने के राजा सवाई माधव सिंह (द्वितीय) द्वारा वृंदावन में जयपुर मंदिर (राधा माधव) का निर्माण कराया गया था। इसके लिए 1905 से 1908 के बीच जयपुर और धौलपुर से लाल पत्थरों की ढुलाई होनी थी। इसके लिए राजा सवाई माधव सिंह द्वारा तत्कालीन ब्रिटिश शासकों से विशेष स्वीकृति लेकर मीटर गेज लाइन बिछाई गई। मंदिर परिसर में ही अस्थायी रूप से स्टेशन बनाया गया था। रेल से पत्थरों की ढुलाई के कारण मंदिर का निर्माण 23 मई 1917 में पूरा हुआ और ठाकुरजी का पाटोत्सव मनाया गया।
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Author: Vijay Singhal
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