हिदुस्तान 24 टीवी न्यूज चीफ विजय सिंघल
मथुरा। धार्मिक पर्यटन नगर के प्रमुख मंदिरों सहित अन्य मंदिरों को भी ठाकुरजी के भोग प्रसाद की गुणवत्ता के लिए भोग प्रमाण पत्र लेना पड़ेगा। यही प्रसाद भक्तों को भी वितरित किया जाता है। प्रमाणित होने के बाद भक्तों को भी मंदिरों में मिलने वाले प्रसाद में मिलावट की चिंता नहीं सताएगी। फिलहाल मंदिरों में ठाकुरजी को जो भोग लगाया जाता है, उसके मिलावटी न होने और गुणवत्ता पूर्ण होने की कोई गारंटी नहीं है। इसे ध्यान में रखते हुए ही केंद्र सरकार ने भोग प्रमाणपत्र योजना शुरू की है। इसके तहत मंदिरों को यह प्रमाण पत्र लेना आवश्यक कर दिया गया है। भोग प्रमाण पत्र बनवाने के लिए मंदिर प्रबंधन को खाद्य एवं औषधि प्रशासन विभाग के यहां आवेदन करना होगा। इसके लिए विभाग की टीम मंदिर में बनने वाले खाद्य पदार्थों का निरीक्षण करेगी। जांच में संतुष्ट होने के बाद मंदिर को भोग प्रमाणपत्र दे दिया जाएगा। फिलहाल जिले के 2 मंदिर प्रेम मंदिर एवं इस्कॉन मंदिर को यह प्रमाण पत्र मिल चुका है। वहीं श्रीकृष्ण जन्मस्थान एवं कीर्ति मंदिर बरसाना का निरीक्षण हो चुका है। साथ ही एफएसएसएआई दिल्ली की टीम भी ऑडिट कर चुकी है। इन्हें भी संभवत: आगामी सप्ताह में यह प्रमाण पत्र दे दिया जाएगा।
मंदिरों के आसपास मिलता है मिलावटी खानपान
मंदिरों में भले ही गुणवत्तापूर्ण भोग लगने लगे और भक्तों में वितरित किया जाए, लेकिनमंदिरों के आसपास खुलेआम मिलावटी खाद्य पदार्थ की बिक्री होती है। इसमें मिठाई के साथ-साथ अन्य खानपान की वस्तुएं भी शामिल हैं। देश-विदेश से आने वाले श्रद्धालु अपने साथ ले जाने के लिए मंदिरों के आसपास से मिठाई खरीदते हैं। वह अधिकांशत: मिलावटी ही होती है।
मंदिरों में भले ही गुणवत्तापूर्ण भोग लगने लगे और भक्तों में वितरित किया जाए, लेकिनमंदिरों के आसपास खुलेआम मिलावटी खाद्य पदार्थ की बिक्री होती है। इसमें मिठाई के साथ-साथ अन्य खानपान की वस्तुएं भी शामिल हैं। देश-विदेश से आने वाले श्रद्धालु अपने साथ ले जाने के लिए मंदिरों के आसपास से मिठाई खरीदते हैं। वह अधिकांशत: मिलावटी ही होती है।
मथुरा। जिला कारागार व कलेक्ट्रेट को मिला ईट राइट कैंपस प्रमाणपत्र
जिला मुख्य खाद्य सुरक्षा अधिकारी डॉ. गौरीशंकर ने बताया कि जिला कारागार और जिला कलेक्ट्रेट कैंपस को गुणवत्तापूर्ण खानपान के लिए ईट राइट प्रमाण पत्र प्रदान किया गया है। खाद्य एवं औषधि प्रशासन विभाग द्वारा हाल ही में दोनों स्थानों पर जाकर खाने की गुणवत्ता की जांच की गई थी। इसके बाद ही दोनों को यह प्रमाण पत्र दिया गया है। जिले की जेल प्रदेश में तीसरी ऐसी जेल है, जिसे अपने यहां के गुणवत्ता पूर्ण खानपान के लिए यह प्रमाण पत्र दिया गया है। इससे पूर्व जिला जेल फर्रूखाबाद एवं जिला कारागार बुलंदशहर को यह प्रमाण पत्र मिल चुका है।
जिला मुख्य खाद्य सुरक्षा अधिकारी डॉ. गौरीशंकर ने बताया कि जिला कारागार और जिला कलेक्ट्रेट कैंपस को गुणवत्तापूर्ण खानपान के लिए ईट राइट प्रमाण पत्र प्रदान किया गया है। खाद्य एवं औषधि प्रशासन विभाग द्वारा हाल ही में दोनों स्थानों पर जाकर खाने की गुणवत्ता की जांच की गई थी। इसके बाद ही दोनों को यह प्रमाण पत्र दिया गया है। जिले की जेल प्रदेश में तीसरी ऐसी जेल है, जिसे अपने यहां के गुणवत्ता पूर्ण खानपान के लिए यह प्रमाण पत्र दिया गया है। इससे पूर्व जिला जेल फर्रूखाबाद एवं जिला कारागार बुलंदशहर को यह प्रमाण पत्र मिल चुका है।
7455095736
Author: Vijay Singhal
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