हिदुस्तान 24 टीबी न्यूज चीफ विजय सिंघल
मथुरा। अवैध काॅलोनियों के मकड़जाल को सुलझाने में जुटे अधिकारियों के समक्ष नित नए तथ्य सामने आ रहे हैं। अधिकतर स्थानों पर अवैध काॅलोनियों के कारोबार से जुड़े काॅलोनाइजरों ने खेती की जमीन को तहसील स्तर से आबादी घोषित करा लिया है। इतना ही नहीं, विकास प्राधिकरण के विशेष अधिकार को नजरंदाज करते हुए नक्शा स्वीकृति की औपचारिकताएं नगर पंचायतों से पूरी कर ली है। यह खेल मथुरा-वृंदावन नगर निगम क्षेत्र के साथ छाता और गोवर्धन तहसील क्षेत्र में भी पिछले करीब दो दशक से धड़ल्ले से चल रहा है।
पिछले सप्ताह नेशनल प्रेस ब्यूरो व हिदुस्तान 24 टीवी न्यूज में वृंदावन क्षेत्र के खेतों में तैयार हो रही अवैध काॅलोनियों को लेकर प्रकाशित समाचार का संज्ञान जिलाधिकारी पुलकित खरे ने लिया था। उन्होंने ऐसे अवैध काॅलोनियों के सर्वे के आदेश तहसील सदर, छाता और गोवर्धन को दिए हैं। इसकी अनुपालना में संयुक्त टीमें खेतों में जाकर सर्वे में जुटी हैं। वृंदावन क्षेत्र स्थित सुनरख, रामताल रोड और पानीगांव ही नहीं आसपास के अनेक इलाकों में खेतों को अवैध काॅलोनियों में बदल दिया गया है। कहीं मकान खड़े हैं तो किसी स्थान पर चहारदीवारी नजर आ रहीं हैं। यही स्थिति सदर तहसील के साथ महावन, मांट, गोवर्धन और छाता में है। सर्वें करने पहुंच रही टीमों को अनेक कॉलोनाइजरों ने संबंधित क्षेत्र के आबादी में होने की भी जानकारी दी है। उन्हें बताया गया है कि संबंधित खसरों को आबादी क्षेत्र घोषित करा लिया है। इसके साथ ही नक्शा स्वीकृति ग्राम पंचायत से प्राप्त की है। खेतों को आबादी क्षेत्र में घोषित करने की प्रक्रिया भी सवालों के घेरे में आ रही है। इसके अलावा विकास प्राधिकरण क्षेत्र में ग्राम पंचायत द्वारा नक्शा स्वीकृति पर भी सवाल उठ रहे हैं। तहसीलदार सदर राजकुमार भास्कर का कहना है कि जिलाधिकारी के आदेश पर विकास प्राधिकरण के साथ सर्वे की प्रक्रिया जारी है। अगले सप्ताह तक रिपोर्ट प्रस्तुत कर दी जाएगी।
पिछले सप्ताह नेशनल प्रेस ब्यूरो व हिदुस्तान 24 टीवी न्यूज में वृंदावन क्षेत्र के खेतों में तैयार हो रही अवैध काॅलोनियों को लेकर प्रकाशित समाचार का संज्ञान जिलाधिकारी पुलकित खरे ने लिया था। उन्होंने ऐसे अवैध काॅलोनियों के सर्वे के आदेश तहसील सदर, छाता और गोवर्धन को दिए हैं। इसकी अनुपालना में संयुक्त टीमें खेतों में जाकर सर्वे में जुटी हैं। वृंदावन क्षेत्र स्थित सुनरख, रामताल रोड और पानीगांव ही नहीं आसपास के अनेक इलाकों में खेतों को अवैध काॅलोनियों में बदल दिया गया है। कहीं मकान खड़े हैं तो किसी स्थान पर चहारदीवारी नजर आ रहीं हैं। यही स्थिति सदर तहसील के साथ महावन, मांट, गोवर्धन और छाता में है। सर्वें करने पहुंच रही टीमों को अनेक कॉलोनाइजरों ने संबंधित क्षेत्र के आबादी में होने की भी जानकारी दी है। उन्हें बताया गया है कि संबंधित खसरों को आबादी क्षेत्र घोषित करा लिया है। इसके साथ ही नक्शा स्वीकृति ग्राम पंचायत से प्राप्त की है। खेतों को आबादी क्षेत्र में घोषित करने की प्रक्रिया भी सवालों के घेरे में आ रही है। इसके अलावा विकास प्राधिकरण क्षेत्र में ग्राम पंचायत द्वारा नक्शा स्वीकृति पर भी सवाल उठ रहे हैं। तहसीलदार सदर राजकुमार भास्कर का कहना है कि जिलाधिकारी के आदेश पर विकास प्राधिकरण के साथ सर्वे की प्रक्रिया जारी है। अगले सप्ताह तक रिपोर्ट प्रस्तुत कर दी जाएगी।
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Author: Vijay Singhal
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