हिदुस्तान 24 टीवी न्यूज चीफ विजय सिंघल
मथुरा 31 मई। जिलाधिकारी पुलकित खरे की अध्यक्षता में जिला समाज कल्याण, महिला कल्याण तथा पिछड़ा वर्ग कल्याण विभाग की समीक्षा बैठक हुई। जिसमें विभिन्न योजनाओं सहित कई अन्य कार्यों की गहन समीक्षा की गई। साथ ही बीडीओ और संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि योजनाओं के तहत किए जा रहे कार्यों का सतत अनुश्रवण करें। समस्त पैंशन, छात्रवृत्ति सहित अन्य योजनाओं को धरातल पर लाएं और जिम्मेदारी के साथ पात्र लाभार्थियों को शत प्रतिशत लाभ दिलवाएं। जिलाधिकारी पुलकित खरे ने सरकार द्वारा संचालित अनुसूचित जाति के विकास हेतु विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं की प्रगति एवं उपलब्धि को लेकर समीक्षा बैठक ली। अनुसूचित जाति अत्याचार निवारण अधिकार अधिनियम की समीक्षा, शिक्षा विभाग के विद्यालय में छात्रों के नामांकन एवं छात्रवृत्ति की स्थिति, प्रधानमंत्री आवास योजना,स्वास्थ्य संबंधित योजनाओं की प्रगति, छात्रवृत्ति योजना, भूमिहीन परिवारों के लिए आवास हेतु जमीन की उपलब्धता, जिले में छात्रावासों की स्थिति तथा लोक अभियोजक के कार्यों एवं उपलब्धियों की वित्तीय वर्ष 2021-22 से 2022- 23 तक की गहन समीक्षा की गई। अधिकारियों को अनुसूचित जाति समुदाय के व्यक्तियों तक विधि प्रावधान एवं संचालित लोक कल्याणकारी योजनाओं को समय पर सुलभ कराने को लेकर कई आवश्यक दिशा निर्देश दिए। साथ ही जरूरतमंद लोगों को सरकार द्वारा संचालित स्वास्थ्य योजनाओं का लाभ समय पर दें। विद्यालय में छात्रों नामांकन के गैपिंग को भरने के लिए अभियान के तहत कार्यक्रम सुनिश्चित करें। इस समुदाय के पीड़ित परिवारों को नियमानुसार मुआवजे की राशि समय पर सुलभ हो। कलेक्ट्रेट सभागार में विभिन्न एफपीओ से संवाद किया गया। एफपीओ द्वारा किये जा रहे व्यवसायों की जानकारी ली। डीएम ने कहा कि एक तरह का व्यवसाय करने वाले एफपीओ अपना एक समूह बना लें और संयुक्त रूप से समस्याओं व आवश्यकताओं को चिन्हित कर प्रशासन को अवगत कराएं। इस प्रकार हम व्यवस्थित ढंग से एफपीओ की समस्याओं को अन्य हितधारकों के सहयोग से हल कर सकेंगे। उप निदेशक कृषि को निर्देशित करते हुए कहा कि एफपीओ के लिए योजना निर्माण में उनके द्वारा किये जा रहे व्यवसायों को ध्यान में रखें और योजना का फॉलोअप जरूर करें, ताकि योजना की प्रगति की समीक्षा करते हुए सुधारात्मक कदम उठाए जा सकें। संबंधित विभागों को एफपीओ को सभी जरूरी सहायता देने के निर्देश दिये।जिलाधिकारी ने राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के जनपद स्तर /विकासखण्ड स्तर के कार्यों को गति प्रदान करने तथा संबंधित विभागों की योजनाओं के कन्वरजेन्स से परियोजना आच्छादित परिवारों को अधिक से अधिक लाभान्वित करने के उद्देश्य से एनआरएलएम के कार्यों की बैठक ली। जिलाधिकारी ने एनआरएलएम के तहत ग्रामीण परिवारों को सक्षम बनाकर उनकी जीवन शैली में सुधार लाते हुए रोजगार बढ़ाने की दिशा में आवश्यक कदम उठाये जाने के निर्देश दिए। सभी विकासखण्ड को इससे जोड़े जाने पर बल दिया तथा स्वयं सहायता समूहों को सुदृढ़ करने की बात की। जनपद में ग्रामीण आजीविका मिशन के तहत चलाये जा रहे कार्यक्रमों की जानकारी प्राप्त की तथा इसके तहत महिलाओं को मास्टर ट्रेनर बनाये जाने पर जोर दिया। बैठक में कृषि, उद्यान, मोटा अनाज तथा नाबार्ड द्वारा राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के तहत चलाए जा रहे विभिन्न योजनाओं पर विस्तार से चर्चा की गई। जिलाधिकारी ने एफपीओ द्वारा मोटे अनाज से बनाए जा रहे उत्पादों की जानकारी ली और कहा कि जिस क्षेत्र में जो मोटा अनाज ज्यादा पैदा होता है वहां ऐसे ही एफपीओ को काम दें।
स्वयं सहायता समूह को गौशालाओं से जोड़ते हुए उनके द्वारा गोबर ने बनाए गए उत्पादों को बाजार में दुकानों के माध्यम से बेचने का कार्य किया जाए तथा उनके उत्पादों का व्यापक प्रचार प्रसार किया जाए, जिससे स्वयं सहायता समूहों की आय बढ़ेगी।
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Author: Vijay Singhal
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