हिदुस्तान 24 टीवी न्यूज चीफ विजय सिंघल
मथुरा। उत्तर प्रदेश की राज्यपाल आनंदी बेन पटेल मथुरा पहुंचीं। यहां उन्होंने फरह स्थित केंद्रीय बकरी अनुसंधान केंद्र में 100 वें बकरी मेला और राष्ट्रीय वैज्ञानिक पालन प्रशिक्षण का उद्घाटन किया। इस दौरान राज्यपाल ने अनुसंधान केंद्र का निरीक्षण किया और वहां नव प्रकाशित 3 पुस्तकों का विमोचन किया। जिसमें पहली पुस्तक उन्नत बकरी पालन,दूसरी पुस्तक बापू की बकरी और तीसरी पुस्तक बकरी पालकों की सफलता थी। बकरी मेला का उद्घाटन करने पहुंची राज्यपाल आनंदी बेन पटेल ने कार्यक्रम में आईं अनुसूचित जाति एवं जनजाति की महिलाओं को सम्मानित करते हुए उन्हें किट वितरण की। किट में बकरियों हेतु खनिज पैकेट,तकनीकी जानकारी से संबंधित फोल्डर, बुकलेट तथा बकरी की अच्छी नस्ल पैदा करने के लिए उन्नत बकरे दिए गए।कार्यक्रम में पहुंचीं राज्यपाल आनंदी बेन पटेल ने मौजूद लोगों को संबोधित करते हुए कहा कि उनको खुशी मिलती है जब वह देखती हैं कि महिलाएं बकरी,गाय पालन कर कृषि क्षेत्र में हिस्सा लेती हैं और उत्कृष्ट कार्य करती हैं। यह गौरव की बात है कि महिलाएं इस क्षेत्र में बढ़ चढ़ कर हिस्सा ले रही हैं। महिलाओं द्वारा प्रशिक्षण एवं अभ्यास विभिन्न मध्यम से लिया जा रहा है। जिससे वह इस क्षेत्र में काम करते हुए अपने परिवार के लिए दूसरी आय का श्रोत बन रही हैं। महिलाओं द्वारा आय से परिवार की आर्थिक स्थिति मजबूत होती है तथा उनकी घरेलू विभिन्न जरूरत भी पूरी होती हैं। राज्यपाल ने अपने संबोधन में कहा कि केंद्र और राज्य सरकारें विभिन्न जन कल्याणकारी योजनाएं चला रही हैं जिनके जरिए लोगों को बढ़ चढ़ कर सरकार द्वारा लाभ दिया जा रहा है। केंद्र और राज्य सरकार द्वारा किसान,बकरी पालकों को सहायता मिलती है। इन सहयाताओं का प्रयोग कर आगे बढ़ना चाहिए। कार्यक्रम में राज्यपाल ने विभिन्न समाज सेवियों की मदद से 600 आंगनवाड़ी केंद्रों के कराए जा रहे सौंदर्यीकरण कार्य की प्रसंशा की। राज्यपाल ने बकरियों में जियो टैगिंग व आरएफ आईडी का प्रयोग करने के लिए पालकों से कहा। राज्यपाल ने कहा कि जियो टैगिंग एवं आरएफ आईडी से यह पता चल जायेगा कि बकरी कब गर्भवती है,उसे कब कौन सा टीका लगाना है। जिससे समय से बीमारी की जानकारी हो जायेगी और उसका उपचार करा सकते हैं। कार्यक्रम के पश्चात राज्यपाल आनंदी बेन पटेल ने अनुसंधान केंद्र के गेस्ट हाउस में एडेड और राजकीय कॉलेज के प्रधानाचार्यों के साथ बैठक की। बैठक में राज्यपाल ने निर्देश दिए कि सत्र को समय एवं नियमित रूप से समाप्त करें। प्रैक्टिकल पहले करा लें जिससे सत्र में देरी न हो। समय से परीक्षा आयोजित की जाएं तथा रिजल्ट घोषित किए जाएं। बैठक में राज्यपाल ने कहा कॉलेज का मूल्यांकन करवाएं और सभी आवश्यक व्यवस्था सुनिश्चित करें। उन्होंने स्पोर्ट्स और अन्य गतिविधियों को बढ़ावा देने और उपस्थिति को महत्व देने के लिए भी कहा। उन्होंने कहा कि 75 प्रतिशत उपस्थिति का कड़ाई से अनुपालन कराया जाए।
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Author: Vijay Singhal
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