हिदुस्तान 24 टीबी न्यूज़ चीफ विजय सिंघल
मथुरा। विद्युत निगम में जानबूझकर उपभोक्ता का बिल अधिक बना देना और बाद में फिर ले-देकर उसे कम करने का खेल थमने का नाम नहीं ले रहा है। ऐसा ही एक मामला प्रकाश में आया है। निगम के सहायक अभियंता ने तत्कालीन अधिशासी अभियंता के बिना हस्ताक्षर कराए ही 77562 रुपये का जुर्माना 4488 रुपये में तब्दील कर दिया। जुर्माना कम करने को लेकर सहायता अभियंता पर लेनदेन का आरोप भी लगा है। मामले का खुलासा होने के बाद निगम के अधिकारियों में अफरा-तफरी मची है। अधिकारी अब जांच की बात कहकर अपना बचाव करते नजर आ रहे हैं।
विभागीय सूत्रों के अनुसार कैंट क्षेत्र स्थित झींगुरपुरा निवासी महेंद्र सिंह के यहां 2021 में चेकिंग हुई। टीम ने यहां अतिरिक्त केबल डालकर बिजली का उपयोग करते उपभोक्ता को पकड़ा। चेकिंग के दौरान टीम को चार किलोवाट का भार यहां मिला। अधिकारियों ने 77562 रुपये जुर्माना बनाया। चौंकाने वाली बात तो यह है कि इस मामले में तत्कालीन अधिशासी अभियंता के हस्ताक्षर कराए बगैर ही सहायक अभियंता ने जुर्माने की धनराशि कम करके 4488 रुपये जुलाई 2022 में जमा करा दी। हाल ही में जब राजस्व वसूली की समीक्षा हो रही थी तो यह मामले अधिकारियों के समक्ष आया। अधिकारियों ने उपभोक्ता का कनेक्शन काटा तो उसने पूर्व में शमन शुल्क कम करने संबंधी प्रार्थना अधिकारियों को दिखाए। साथ ही शमन शुल्क 4488 रुपये जमा करने की रसीद भी दिखाई। मामला अधिकारियों की गले की हड्डी बना तो उनमें अफरा-तफरी मच गई। अधिशासी अभियंता शहरी कुंवर शर्मा ने इस मामले में सहायक अभियंता राजस्व से स्पष्टीकरण मांगा है। साथ ही मामले की जांच की जा रही है।
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Author: Vijay Singhal
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