हिदुस्तान 24 टीवी न्यूज चीफ विजय सिंघल
मथुरा। मथुरा एस्केप की भूमि पर वर्षों से हो रहे अतिक्रमण को हटाने की कार्रवाई अब निर्णायक मोड़ पर पहुंच गई है। साढ़े तीन किमी लंबी एस्केप पर 800 मकान ऐसे चिन्हित किए गए हैं, जो अतिक्रमण में शामिल हैं। सिंचाई विभाग ने दूसरे दिन मंगलवार को 100 और मकानों पर नोटिस चस्पा किए। इससे पहले सोमवार को 70 मकानों को नोटिस दिए गए थे। लगातार कार्रवाई से खलबली मच गई है। मामला मथुरा एस्केप के उस हिस्से से जुड़ा है, जहां गणेशरा, संजय नगर, मनोहरपुर, केशवपुर सहित कई बस्तियां करीब साढ़े तीन किलोमीटर के दायरे में बसी हैं। इस पूरे क्षेत्र में लगभग 800 से अधिक मकान सिंचाई विभाग की भूमि पर बने बताए जा रहे हैं, जिनमें चार हजार से अधिक लोग रहते हैं। यह अतिक्रमण पिछले 30 से 40 वर्षों से चला आ रहा है। यहां व्यावसायिक 100 से ऊपर दुकानें बताई जा रही। हाईकोर्ट ने वर्ष 2023 में मथुरा एस्केप और अन्य जल निकायों को अतिक्रमण मुक्त कराने के निर्देश दिए थे, लेकिन लंबे समय तक इन आदेशों का पालन नहीं हुआ। बाद में अवमानना याचिका दायर होने पर प्रमुख सचिव से लेकर सिंचाई विभाग और प्रशासन के अधिकारियों को पार्टी बनाया गया। इसके बाद विभाग हरकत में आया और अब अतिक्रमण चिह्नित कर नोटिस जारी किए जा रहे हैं। मंगलवार को चार टीमें अलग-अलग हिस्सों में लगी रहीं। पहले मकानों पर लाल स्याही से क्रास के निशान लगाए गए, उसके बाद नोटिस चस्पा किए गए। नोटिस में स्पष्ट किया गया है कि तय समय सीमा के भीतर स्वयं अतिक्रमण न हटाने पर प्रशासन और पुलिस के सहयोग से ध्वस्तीकरण की कार्रवाई की जाएगी, जिसका खर्च भी कब्जाधारकों से वसूला जाएगा। अधिकारियों के अनुसार आने वाले दिनों में नोटिस की संख्या और बढ़ेगी। कार्रवाई की रफ्तार से स्पष्ट है कि इस बार मथुरा एस्केप से अतिक्रमण हटाने का अभियान केवल नोटिस तक सीमित नहीं रहेगा।
