हिदुस्तान 24 टीवी न्यूज चीफ विजय सिंघल
मथुरा। तुलसी साहित्य संस्कृति अकादमी न्यास का वार्षिक उत्सव हिंदी महोत्सव साहित्यकार सम्मान समारोह और पुस्तक लोकार्पण के साथ संपन्न हुआ। यह समारोह अमरनाथ गर्ल्स डिग्री कॉलेज के मातृ कृपा प्रेक्षागृह में आयोजित हुआ। इसमें 5 विशिष्ट साहित्यकारों को शिखर सम्मान सहित 71 साहित्यकार, कलाकार, समाजसेवी, चिकित्सक एवं पत्रकारों को सम्मानित किया गया। प्रथम सत्र का शुभारंभ अंतरराष्ट्रीय सम्मान प्राप्त साहित्यकार डॉ. राजेंद्र मिलन, मुख्य अतिथि जीएलए विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. अनूप गुप्ता, विशिष्ट अतिथि डॉ. अनिल वाजपेई व अभिनेता शिशिर मुद्गल व वरिष्ठ साहित्यकार पं. हरिदत्त चतुर्वेदी ने मां सरस्वती के साथ ब्रह्मलीन योगीराज पं. श्याम सुंदर चतुर्वेदी के चित्र के समक्ष दीप जलाकर किया। सर्वप्रथम ब्रजकला तारिका सिमरन अरोड़ा ने राधा-कृष्ण के रास की प्रस्तुति दी। हिंदी गान के उपरांत सिरसा हरियाणा की साहित्यकार डॉ. शील कौशिक को माया देवी स्मृति सम्मान, दतिया के श्री राज नारायण बोहरे को पं. श्री आनंद मोहन वाजपेई स्मृति सम्मान, सहारनपुर के डॉ. आरपी सारस्वत को श्रीराम सिंह स्मृति सम्मान, लखनऊ के सुरेश कुमार को श्री हृदया तिवारी स्मृति सम्मान, लखनऊ के डॉ. उमाशंकर शितिकंठ को श्रीमती कमला वाजपेई स्मृति सम्मान, भोपाल की डॉ. प्रीति प्रवीण खरे को श्री विधि चंद्र अग्रवाल सर्राफ स्मृति सम्मान, मथुरा के डाॅ. धर्मराज सिंह जादौन को श्री जगदीश प्रसाद वर्मा शिक्षक सम्मान से नवाजा गया। साहित्यकारों को अंगवस्त्र, सम्मान पत्र और स्मृति चिन्ह तथा 2100 रुपये की धनराशि प्रदान की। शिशिर मुद्गल ने कहा कि तुलसी साहित्य संस्कृति अकादमी न्यास साहित्य, संगीत एवं ललित कलाओं को समर्पित संस्था है। डॉ. अनिल वाजपेई ने भी अपने विचार रखे। जय प्रकाश पचौरी, डॉ. यशोयश, गाफिल स्वामी, डॉ. अमर सिंह सैनी, सुभाष गुप्त, डॉ. रामसेवक, डॉ. धनंजय कुमार तिवारी, आर्यन अग्रवाल, निकिता सिंह, अनन्या गौतम आदि लोग मौजूद रहे।
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Author: Vijay Singhal
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