हिदुस्तान 24 टीवी न्यूज चीफ विजय सिंघल
मथुरा। कोसीकलां में रेलवे स्टेशन पर ट्रेनों का ठहराव न होने से प्लेटफार्म पर स्थित 8 में से 6 कैंटीन बंद हो चुकी हैं। यहां लाइसेंस शुल्क भी नहीं निकल पा रहा है। इसलिए संचालक ने इन कैंटीन के लाइसेंस का नवीनकरण ही नहीं कराया है। वहीं इससे रेलवे को भी लाखों रुपये का घाटा हो रहा है। जबकि कोरोना काल से पूर्व रेलवे स्टेशन पर 8 कैंटीनों का संचालन होता था। कोरोना काल में रेलवे ने कोसीकलां स्टेशन से चलने वाली कोसी-गाजियाबाद, गाजियाबाद- कोसी ईएमयू, कोसी-आगरा कैंट ईएमयू, कोसी- नई दिल्ली, कोसी-निजामुद्दीन पैंसेजर, निजामुद्दीन -कोसीकलां ट्रेन बंद कर दी थीं। इससे रेलवे स्टेशन पर यात्रियों का भी आवागमन बंद हो गया। ऐसे में कैंटीन संचालकों को कैंटीन का वार्षिक शुल्क निकालना भी मुश्किल हो गया और वह घाटे में जाने लगे। यात्रियों के न आने से बिक्री घट गई, लागत बढ़त गई। इसके अलावा रेलवे ने प्लेटफार्मों पर खाना पकाने की गतिविधियों पर भी प्रतिबंध लगा दिया, जिससे कैंटीन संचालकों के लिए काम करना और भी मुश्किल हो गया है। वर्तमान में प्लेटफार्म पर मौजूद एक स्टेशन, एक उत्पाद कैंटीन भी बंद पड़ी है। कैंटीन चलाने वाले रूपनारायण शर्मा ने बताया कि घाटे के चलते उन्होंने कैंटीन का शुल्क जमा नहीं किया है। वहीं भोले शंकर ने बताया कि ट्रेनों का ठहराव न होने से लागत भी निकालना मुश्किल हो रहा है। प्रशस्ति श्रीवास्तव, जनसंपर्क अधिकारी, उत्तर मध्य रेलवे आगरा मंडल ने कहा, रेलवे स्टेशन पर संचालकों ने स्वयं ही स्टॉल को बंद किया है। एक स्टेशन, एक उत्पाद की स्टॉल बंद है, उसकी अधिसूचना निकलवाकर इसे शुरू कराया जाएगा। ट्रेनों का ठहराव बढ़ाने के लिए भी प्रयास किया जाएगा।
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Author: Vijay Singhal
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