हिदुस्तान 24 टीवी न्यूज चीफ विजय सिंघल
मथुरा। सरकार की मंशा है कि किसी भी इंडस्ट्री की फाइल एनओसी के लिए विभागों में न अटकाई जाए। उस पर जल्द ही निर्णय लिया जाए। इसके बावजूद भी जिले में 55 नए पेट्रोल पंपों की फाइलें विभिन्न विभागों की एनओसी (अनापत्ति प्रमाणपत्र) के लिए 2-3 वर्षों से अटकी हुई हैं। इनमें से 22 मामलों में इंडियन ऑयल कॉरपोरेशन (आईओसी) पहले ही शासन को पत्र भेज चुकी है, लेकिन फाइलें अब तक विभागीय दफ्तरों से आगे नहीं बढ़ सकी हैं। शासन से आए निर्देशों पर मंगलवार को जिलाधिकारी सीपी सिंह ने संबंधित विभागों के अधिकारियों के साथ महत्वपूर्ण बैठक की। जिसमें उन्होंने 15 दिन के भीतर निर्णय लेने के निर्देश दिए हैं। डीएम ने साफ कहा है कि अनावश्यक देरी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। हर आवेदन पर तय समयसीमा में रिपोर्ट अनिवार्य रूप से भेजी जाए। नया पेट्रोल पंप खोलने के लिए आवेदकों को राजस्व, नगर नियोजन, प्रदूषण नियंत्रण, अग्निशमन, वन विभाग, डेवलेपमेंट अथॉरिटी समेत आठ विभागों से एनओसी लेनी होती है। इन्हीं विभागों की धीमी कार्यप्रणाली के चलते कई प्रस्ताव वर्षों से लंबित हैं। जिला पूर्ति अधिकारी संजीव कुमार ने बताया कि जिले में विभिन्न कंपनियों के कुल 163 पेट्रोल पंप हैं। आईओसीएल के दो, एचपी के 15 और बीपीसीएल के 38 आवेदनों पर अभी तक विभागों ने कोई निर्णय नहीं लिया है।
7455095736
Author: Vijay Singhal
50% LikesVS
50% Dislikes
