हिदुस्तान 24 टीवी न्यूज चीफ विजय सिंघल
मथुरा। व्रन्दावन में हाईकोर्ट के आदेश पर मथुरा के डीएम पुलकित खरे ने नगर आयुक्त अनुनय झा की अध्यक्षता में आठ सदस्यीय समिति गठित की है। यह आठ सदस्यीय समिति वृंदावन पहुंची। समिति ने बांकेबिहारी मंदिर कॉरिडोर को लेकर प्रस्तावित क्षेत्र के चिन्हांकन की प्रक्रिया शुरू कर दी है। इसके तहत टीम ने पहले राजस्व रिकॉर्ड को लेकर बैठक की और बाद में मौका मुआयना किया। इस दायरे में करीब 300 भवन आ रहे हैं। इससे मंदिर से जुडे़ क्षेत्र के निवासियों में खलबली है। वाराणसी की तर्ज पर बिहारीजी कॉरिडोर की योजना को अमलीजामा पहनाने की कवायद की जा रही है। इलाहाबाद हाईकोर्ट में प्रस्तावित पांच एकड़ क्षेत्र के दायरे में विकास की योजना पर काम करने के लिए डीएम की गठित समिति के सदस्य मौके पर पहुंचे। टीम में शामिल विकास प्राधिकरण के सचिव राजेश कुमार, एडीएम वित्त योगानंद पांडेय, ज्वाइंट मजिस्ट्रेट एसडीएम सदर अजय जैन, सहायक अभियंता बीसी मिश्रा, सीओ सदर प्रवीण मलिक, सिटी मजिस्ट्रेट सौरभ दूबे, अपर नगर आयुक्त क्रांतिशेखर सिंह सहित राजस्व से जुडे़ कर्मचारी भी मौजूद रहे। टीम ने पहले ठाकुर श्रीबांकेबिहारी मंदिर और इससे जुडे़ प्रस्तावित कॉरिडोर क्षेत्र के राजस्व रिकॉर्ड का अवलोकन किया। इसके बाद राजस्व कर्मियों ने चिन्हांकन की प्रक्रिया शुरू की। इस दौरान मंदिर परिसर के चारो ओर नापजोख की गई। यह प्रक्रिया अधिकांशतय मंदिर के प्रमुख द्वार के सामने वाले क्षेत्र में जुगलघाट, राधावल्लभ मंदिर क्षेत्र की ओर अपनाई गई। इसी चिन्हांकन के दायरे में आने वाली संपत्तियों का मूल्यांकन होना है, जिनकी संख्या 300 भवनों के आसपास होने का अनुमान है। इस दौरान लोग जानने के इच्छुक थे कि बिहारीजी कॉरिडोर के लिए कहां-कहां जमीन अधिग्रहीत की जाएगी। लोगों में घर और दुकानों की नापजोख देख खलबली मची रही। जुगलघाट से राधा वल्लभ मंदिर मार्ग, जंगल कट्टी, बिहारीपुरा, हिसारिन गली, कोयला घाट वाली गली, वीआईपी रोड, बांकेबिहारी मंदिर का चबूतरा, राधा सनेह बिहारी मंदिर से बांकेबिहारी मंदिर तक गली, मंदिर की मुख्य गली, पुराना शहर, विद्यापीठ चौराहा से बांकेबिहारी पुलिस चौकी तक की नापजोख की गई। श्रीबांकेबिहारी मंदिर पहुंचने वाले श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधाएं मुहैया कराने का प्लान जिलाधिकारी 17 जनवरी को हाईकोर्ट में दाखिल करेंगे। इसके लिए जमीन का चिन्हांकन और मूल्यांकन किया जा रहा है। रिपोर्ट में बताना है कि इस प्लान पर कितना खर्च आएगा। बिहारीजी कॉरिडोर चिन्हांकन व मूल्यांकन समिति के अध्यक्ष अनुनय झा ने बताया कि न्यायालय के आदेश के क्रम में श्रीबांकेबिहारी मंदिर से जुडे़ क्षेत्र के विकास की योजना बनाई जा रही है। जिससे यहां आने वाले श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधाएं मुहैया हो सकें। इस पर खर्च का आंकलन संपत्ति के मूल्यांकन से किया जा रहा है। इसके लिए गठित टीम ने चिन्हांकन और मूल्यांकन की प्रक्रिया शुरू कर दी है।
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Author: Vijay Singhal
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