हिदुस्तान 24 टीवी न्यूज चीफ विजय सिंघल
मथुरा। परिवहन निगम (रोडवेज) की बसों की हालत लगातार बिगड़ती जा रही है। खराब रखरखाव, चालक-कंडक्टरों की लापरवाही और समय पर मरम्मत न होने के कारण बड़ी संख्या में बसें अब कंडम होती जा रही हैं। विभागीय आंकड़ों के अनुसार, पिछले पांच साल में करीब 25 से 30 फीसदी बसें चलने लायक नहीं बची हैं। मथुरा डिपो में 193 रोडवेज की बसें हैं। इनमें से करीब 50 बसों की हालत चिंताजनक स्थिति में हैं। इन बसों के टायर घिस चुके हैं, सीटें टूटी हुई हैं। इसके अलावा कई बसों के इंजन बार-बार खराब हो रहे हैं। बावजूद इसके इन्हीं जर्जर बसों को सड़कों पर दौड़ाया जा रहा है। नतीजतन यात्रियों को सफर के दौरान झटकों, धुएं और रुकावटों का सामना करना पड़ता है। नाम न छापने की शर्त पर परिवहन विभाग के एक कर्मचारी ने बताया कि बसों के नियमित सर्विस शेड्यूल का पालन नहीं हो रहा। कई बार पार्ट्स की कमी और बजट की देरी के कारण भी मेंटेनेंस रुका रहता है। मथुरा से कानपुर तक की यात्रा करने वाले महेश धीमान ने बताया कि चालक बसों को तेजी से भगाते हैं। स्पीड ब्रेकर पर भी ब्रेक नहीं लगाते हैं। जर्जर होने के कारण शरीर में धमक लगती है। कहने के बावजूद भी बस की स्पीड धीमी नहीं करते हैं। फरीदाबाद के दीपक कुमार ने बताया कि बसों में सफर अब जोखिम भरा हो गया है। कई बार बीच रास्ते में ही बस बंद हो जाती है। गर्मी में खिड़कियां भी नहीं खुलती हैं। जबकि किराया पूरा वसूला जाता है। मदन मोहन शर्मा, एआरएम ने कहा, नई बसों की खेप आने से अब पुराने वाहनों को कंडम घोषित करके नीलामी में भेजा जाएगा। पुराने वाहनों को चरणबद्ध तरीके से बदला जाएगा। ड्राइवरों को भी ओवरस्पीड के लिए कड़ी चेतावनी दी गई है।
7455095736
Author: Vijay Singhal
50% LikesVS
50% Dislikes
