हिदुस्तान 24 टीवी न्यूज चीफ विजय सिंघल
मथुरा में श्रीकृष्ण जन्माष्टमी की रात्रि में जानवरों के मलमूत्र युक्त कुट्टू आटा की पूड़ी-पकौड़ी खाने से 250 से अधिक लोग बीमार हुए थे। आगरा स्थित राजकीय खाद्य विश्लेषण प्रयोगशाला में हुई जांच के बाद जारी रिपोर्ट के आधार पर शनिवार को खाद्य सुरक्षा विभाग ने इसका खुलासा किया। जिले के पांच खाद्य कारोबारी एवं विक्रेताओं को नोटिस जारी किए गए हैं। इन पर आटे के रखरखाव में भी लापरवाही का आरोप है। स्थानीय प्रशासन ने आयुक्त खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन, लखनऊ को जांच रिपोर्ट भेजते हुए इनके खिलाफ मुकदमे दर्ज कराने की अनुमति मांगी है। सहायक आयुक्त खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन धीरेंद्र प्रताप सिंह ने बताया कि 26 अगस्त की रात को फरह क्षेत्र के विभिन्न गांव के लोगों की कुट्टू के आटा की पूड़ी-पकौड़ी के सेवन के बाद तबीयत बिगड़ गई थी। 27 अगस्त को विभाग की टीम ने विक्रेता राकेश गोयल, बरौदा मसरकपुर, परखम, फरह और अमित अग्रवाल, परखम चौराहा, फरह के प्रतिष्ठान से सैंपल भरा था। साथ ही गोविंद नगर के रमन टावर स्थित शाहगंज गेट से अंकुर अग्रवाल की अंकुर ट्रेडिंग कंपनी, कृष्णापुरम, बिरला मंदिर के पास रहने वाले नवीन अग्रवाल के घियामंडी चौक स्थित चौधरी किराना स्टोर, वाल्मीकि नगर निवासी अनबर के बृजवासी गुड वाले, गल्ला मंडी प्रतिष्ठान से कुट्टू के आटे के सैंपल लिए गए थे। इनकी जांच आगरा स्थित राजकीय खाद्य विश्लेषण प्रयोगशाला में हुई। जांच में पाया गया है कि आटा में चूहे, गिलहरी जैसे जानवरों का मलमूत्र मिला था। संभव है कि आटा की पिसाई के दौरान कुट्टू को ठीक से साफ नहीं किया गया, जिसके कारण यह मलमूत्र इसमें पिस गया। इसके चलते आटा दूषित हुआ और इसके सेवन से लोग बीमार हो गए। सहायक खाद्य आयुक्त ने बताया कि जांच में यह भी पाया गया है कि खाद्य कारोबारी व विक्रेताओं ने कुट्टू के आटा का ठीक से रखरखाव नहीं किया, इसके चलते यह और ज्यादा दूषित हो गया। इसको देखते हुए जिले में खुले कुट्टू के आटा की बिक्री पर रोक लगा दी गई है। सहायक खाद्य आयुक्त ने बताया कि शासन से अनुमति मिलने के बाद अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम की कोर्ट में इन सभी संबंधितों के खिलाफ वाद दायर कराया जाएगा। कोर्ट इनकी ट्रायल के बाद सजा तय करेगा।
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Author: Vijay Singhal
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